राजभाषा हिंदी भारत की भाषाई विविधता को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी : कुलपति प्रो. के.एन. सिंह
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 1 सितंबर 2026
गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के राजभाषा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में हिंदी माह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
हिंदी भाषाई विविधता के बीच समन्वय की भाषा : कुलपति
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने हिंदी को भारत की भाषाई विविधता को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देश की विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बीच समन्वय स्थापित करने वाली भाषा है।
उन्होंने कहा कि हिंदी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सहजता, सरलता और दूसरी भाषाओं को आत्मसात करने की क्षमता है। समय के साथ हिंदी ने देश की विभिन्न भाषाओं और बोलियों के शब्दों को अपने भीतर समाहित कर स्वयं को समृद्ध किया है। यही विशेषता इसे जन-जन से जोड़ती है।
अन्य भारतीय भाषाओं के सम्मान पर दिया जोर
कुलपति ने कहा कि भारत की भाषाई विविधता उसकी पहचान और शक्ति है। हिंदी को बढ़ावा देने का अर्थ किसी अन्य भारतीय भाषा को कमतर आंकना नहीं है, बल्कि सभी भारतीय भाषाओं के बीच संवाद, सहयोग और समन्वय को मजबूत करना है।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से हिंदी के प्रयोग को केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रखने तथा कार्यालयीन कार्यों एवं दैनिक जीवन में भी इसका सहज प्रयोग करने का आह्वान किया।
शिक्षा के साथ भाषा और संस्कृति के संरक्षण का केंद्र है विश्वविद्यालय
प्रो. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा और शोध का केंद्र नहीं, बल्कि भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों एवं कर्मियों में हिंदी के प्रति रुचि, आत्मीयता और आत्मविश्वास बढ़ता है।
हिंदी माह में होंगे विभिन्न कार्यक्रम
कार्यक्रम का संचालन हिंदी अधिकारी डॉ. मनीषा तिवारी ने किया। उन्होंने हिंदी माह के आयोजन की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी से हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया।
हिंदी माह के दौरान विश्वविद्यालय में राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और व्यावहारिक प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं, व्याख्यानों एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी भाग लेंगे।
विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मी रहे मौजूद
कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा, वित्त अधिकारी रश्मि त्रिपाठी, परीक्षा समन्वयक शांति गोपाल पाईन, उप कुलसचिव प्रतीश कुमार दास, उप कुलसचिव कुमार कौशल, सहायक कुलसचिव अमित कुमार, सहायक कुलसचिव शशि रंजन, हिंदी अधिकारी डॉ. मनीषा तिवारी, हिंदी अनुवादक सरिता मिश्रा, हिंदी टंकक हिटलर प्रसाद सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मयोगी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में हिंदी अनुवादक सरिता मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। हिंदी माह के शुभारंभ के साथ विश्वविद्यालय परिसर में राजभाषा हिंदी के प्रति प्रतिबद्धता, जागरूकता और इसके व्यावहारिक प्रयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
