गया इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘पिच डेक प्रिपरेशन’ पर कार्यशाला, विद्यार्थियों को स्टार्टअप और निवेशकों के समक्ष प्रस्तुति के गुर सिखाए गए
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 29 जुलाई 2026,
गयाजी: गया अभियांत्रण महाविद्यालय (GCE), गयाजी के स्टार्टअप सेल के तत्वावधान में बुधवार को महाविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में “पिच डेक प्रिपरेशन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रभावी स्टार्टअप पिच डेक तैयार करने, निवेशकों के समक्ष अपने व्यावसायिक विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने तथा उद्यमिता के प्रति प्रेरित करना था।
नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति अपनाने का आह्वान
कार्यक्रम का शुभारंभ स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज प्रो. लवकुश गुप्ता के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
आईआईएम बोधगया की विशेषज्ञ ने बताए सफल पिच डेक के सूत्र
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. दीपिका आर. गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर, रणनीति एवं उद्यमिता विभाग, आईआईएम बोधगया ने विद्यार्थियों को प्रभावी पिच डेक तैयार करने की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने स्टोरीटेलिंग, बिजनेस मॉडल, बाजार विश्लेषण, ट्रैक्शन, ग्रोथ स्ट्रेटेजी तथा निवेशकों के समक्ष आत्मविश्वास के साथ स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत करने के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
बिहार स्टार्टअप नीति और डिजिटल फाइनेंस की दी जानकारी
कार्यक्रम में सुशांत कुमार, जिला स्टार्टअप समन्वयक, गयाजी ने विद्यार्थियों को Razorpay जैसे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, पेमेंट गेटवे तथा स्टार्टअप्स के लिए डिजिटल वित्तीय समाधानों की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बिहार स्टार्टअप नीति के तहत उपलब्ध प्रोत्साहन योजनाओं, अनुदान एवं अन्य सुविधाओं से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया।
नवाचार को व्यवसाय में बदलने का दिया संदेश
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. द्वारका दास नीमा ने अपने संदेश में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में तकनीकी शिक्षा के साथ उद्यमिता कौशल का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने नवाचारी विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने और स्टार्टअप से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
ज्ञानवर्धक रही कार्यशाला
कार्यक्रम के अंत में अमित कुमार, परियोजना प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (DIC), गयाजी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य वक्ता, महाविद्यालय प्रशासन, स्टार्टअप सेल, संकाय सदस्यों एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने इसे ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और व्यवहारिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी बताया।
