जलापूर्ति में लापरवाही पर डीएम सख्त, बुडको के अधिकारियों पर एफआईआर के निर्देश
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 01 अगस्त 2026,
गयाजी: शहर में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में गया नगर निगम एवं बुडको के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर आयुक्त, बुडको के परियोजना निदेशक, उप परियोजना निदेशक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बिना सूचना जलापूर्ति बाधित नहीं करने का निर्देश
समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बिना पूर्व सूचना के शहर के किसी भी क्षेत्र की जलापूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेयजल आम नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता है और इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस लाइन जलापूर्ति केंद्र की लापरवाही पर कार्रवाई
बैठक में बताया गया कि पिछले दो दिनों से पुलिस लाइन सिंगरा स्थान जलापूर्ति केंद्र पर मोटर का संचालन नहीं होने के कारण जलमीनार में पानी नहीं भर सका। इससे एपी कॉलोनी सहित आसपास के कई इलाकों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई और हजारों लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा।
बुडको के अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश
इस गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जिला पदाधिकारी ने बुडको के परियोजना निदेशक से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि बुडको के उप परियोजना निदेशक नील कुमार एवं संबंधित जलापूर्ति पंप ऑपरेटर के विरुद्ध प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई जाए। इसके अलावा जलापूर्ति केंद्र की निगरानी के लिए नामित नगर निगम के एरिया इंचार्ज सह निगम पदाधिकारी शुभम कुमार से भी स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया गया।
तकनीकी खराबी का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश
जिला पदाधिकारी ने सभी जलापूर्ति केंद्रों की नियमित निगरानी करने तथा किसी भी तकनीकी खराबी का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश किसी क्षेत्र में जलापूर्ति अस्थायी रूप से बंद करनी पड़े तो इसकी पूर्व सूचना संबंधित क्षेत्र के नागरिकों को समय पर दी जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने दोहराया कि गयाजी शहर में नियमित और निर्बाध जलापूर्ति प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी एजेंसियों को समन्वय बनाकर आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
