पितृपक्ष मेले में एनएसएस स्वयंसेवकों की पहल, फीडबैक सर्वे के साथ नुक्कड़ नाटक से दिया नशामुक्ति का संदेश
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 09 अक्टूबर 2026
गयाजी: विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला महासंगम के 14वें दिन गया कॉलेज, गयाजी की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं, जिला प्रशासन की ओर से तैनात पुलिसकर्मियों और चिकित्सा विभाग के स्वास्थ्यकर्मियों से फीडबैक सर्वे किया। इसका उद्देश्य मेले में उपलब्ध व्यवस्थाओं, सुविधाओं और सेवा कार्यों के संबंध में लोगों की प्रतिक्रियाएं प्राप्त करना था।
नुक्कड़ नाटक से नशे के दुष्परिणामों के प्रति किया जागरूक
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की पूर्व संध्या पर विष्णुपद क्षेत्र में एनएसएस स्वयंसेवकों ने नशामुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन के कला एवं संस्कृति विभाग की एडीएम सुश्री सुरभि बाला ने स्वयंसेवकों की प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और अपने परिवार एवं समाज को नशामुक्त बनाने की अपील की। उपस्थित प्रशासनिक पदाधिकारियों ने तालियां बजाकर स्वयंसेवकों का उत्साह बढ़ाया।
प्राचार्य ने स्वयंसेवकों का बढ़ाया उत्साह
गया कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सतीश सिंह चंद्र ने स्वयंसेवकों के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें इसी तरह समाजसेवा में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। पितृपक्ष मेले में एनएसएस स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सहायता और सर्वेक्षण का कार्य जिम्मेदारी के साथ कर रहे हैं।
एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में स्वयंसेवक लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सर्वेक्षण के दौरान सौरव कुमार और हर्ष ने समूह का समन्वय करते हुए श्रद्धालुओं, पुलिसकर्मियों तथा स्वास्थ्यकर्मियों से संवाद किया और फीडबैक जुटाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
नुक्कड़ नाटक और सर्वेक्षण में शामिल रहे स्वयंसेवक
नशामुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक में निधि, अमन, शौर्य प्रभाष, अमित मिश्रा, अनुराग और स्नेहा सहित अन्य स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
वहीं, सर्वेक्षण एवं सेवा कार्यों में कौशिक रंजन, वैभव, तन्वी प्रिया, रिया, श्रुति, चंदन, रोली, आर्यन, शुभम, अरमान, आयुष, प्रद्युम्न, आलोक सहित अन्य एनएसएस स्वयंसेवक शामिल रहे।
एनएसएस की इस पहल के माध्यम से पितृपक्ष मेला महासंगम में जनसेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश प्रसारित किया गया।
