शैक्षिक नवाचार को नई दिशा: डॉ. धनंजय धीरज को AI आधारित डिजिटल शिक्षा प्रदर्शन उपकरण का पेटेंट

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 29 सितंबर 2026

गयाजी। गया कॉलेज, गयाजी के शिक्षा शास्त्र विभाग में शैक्षिक नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय धीरज द्वारा विकसित AI आधारित डिजिटल शिक्षा प्रदर्शन उपकरण को भारत सरकार द्वारा भारतीय बौद्धिक संपदा अधिकार अधिनियम के तहत पेटेंट प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि को शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक, नवाचार और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शिक्षक और विद्यार्थी के बीच संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास

डॉ. धनंजय धीरज के अनुसार, इस उपकरण को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक सरल, प्रभावी और सहभागितापूर्ण बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसके माध्यम से जटिल विषय-वस्तु और अवधारणाओं को विद्यार्थियों के सामने अधिक स्पष्ट एवं सहज तरीके से प्रस्तुत करने में सहायता मिल सकती है।

इस नवाचार की एक प्रमुख विशेषता यह बताई गई है कि यह पारंपरिक शिक्षक-केंद्रित कक्षा व्यवस्था को अधिक विद्यार्थी-केंद्रित और द्विपक्षीय संवादात्मक शिक्षण व्यवस्था में बदलने में सहायक हो सकता है। इसके माध्यम से शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा सकता है।

रियल-टाइम फीडबैक और पर्सनलाइज्ड लर्निंग की संभावनाएं

AI आधारित इस डिजिटल शिक्षा प्रदर्शन उपकरण के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया और स्वमूल्यांकन को प्रोत्साहित करने की संभावना है। स्मार्ट-क्लासरूम तकनीक के साथ इसके संभावित एकीकरण से रियल-टाइम फीडबैक, ऑटोमेटेड एनालिटिक्स और विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुरूप पर्सनलाइज्ड लर्निंग जैसी आधुनिक सुविधाओं को जोड़ा जा सकता है।

शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच इस तरह के नवाचारों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शिक्षाविदों ने दी बधाई

डॉ. धनंजय धीरज को इस उपलब्धि पर मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी, कुलसचिव डॉ. बी.के. मंगलम, गया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्र, बर्सर प्रो. मार्कंडेय पांडे, मगध विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. कुसुम कुमारी सहित विभिन्न शिक्षाविदों एवं समाजसेवी संगठनों ने बधाई दी है।

पेटेंट मिलने की जानकारी के बाद गया कॉलेज के शिक्षा शास्त्र विभाग सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकों और विद्यार्थियों में भी खुशी का माहौल है। कॉलेज परिवार से जुड़े लोगों ने इसे संस्थान में शैक्षिक नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने वाली उपलब्धि बताया है।

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