सीयूएसबी में विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत भाषण और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, समावेशन व जागरूकता पर जोर
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 11 अक्टूबर 2026
गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के मनोवैज्ञानिक विज्ञान विभाग की ओर से कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के मार्गदर्शन में विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का आयोजन किया गया। विभाग ने छात्र परामर्श एवं कल्याण केंद्र के सहयोग से ऑनलाइन व्याख्यान, पोस्टर मेकिंग और भाषण प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित कीं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समावेशी सोच को प्रोत्साहित करना रहा।
LGBTQIAP+ पहचान, लैंगिकता और मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा
विभागाध्यक्ष प्रो. मंगलेश कुमार मंगलम ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की इस वर्ष की थीम “जीवित अनुभव सुने गए: वास्तविक आवाजें, वास्तविक परिवर्तन” के अनुरूप विशेष ऑनलाइन व्याख्यान आयोजित किया गया। इसका समन्वय डॉ. अंकिता कुमारी ने किया।
व्याख्यान की मुख्य वक्ता अरुणाचल प्रदेश स्थित उत्तर पूर्वी क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एनईआरआईएसटी) के मनोविज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. युमा नाराह रहीं। उन्होंने LGBTQIAP+ पहचान, लिंग, यौनिकता और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान लोगों के व्यक्तिगत अनुभवों को सुनने और समझने, पहचान से जुड़ी चुनौतियों, सामाजिक कलंक तथा परिवार और समाज के स्तर पर आने वाली कठिनाइयों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के बेहतर वातावरण के लिए जागरूकता, सामाजिक स्वीकृति, सहयोग और समावेशन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सत्र के अंत में डॉ. सुदर्शन बेहेरा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
पोस्टर मेकिंग और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसका संयुक्त समन्वय डॉ. दास अंबिका भारती और लेफ्टिनेंट (डॉ.) प्रज्ञा गुप्ता ने किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिला। कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रज्ञा गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और विचारों की अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
