CUSB के सात प्राध्यापकों ने बढ़ाया गयाजी का मान, स्टैनफोर्ड की विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में बनाई जगह
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 13 अक्टूबर 2026
गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB) ने वैश्विक अनुसंधान के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के सात प्राध्यापकों को अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा जारी विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध संबंधी प्रतिष्ठा को नई पहचान मिली है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे प्राध्यापकों की शोध क्षमता, निरंतर परिश्रम और अकादमिक उत्कृष्टता का परिणाम बताया है।
कुलपति और कुलसचिव ने दी बधाई
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह और कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा सहित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने सूची में शामिल सभी सात प्राध्यापकों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कुलपति प्रो. के.एन. सिंह ने कहा कि प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में प्राध्यापकों का शामिल होना ज्ञान के संवर्धन, नवाचार को प्रोत्साहित करने और अनुसंधान के उच्च मानकों को बनाए रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इन प्राध्यापकों की उपलब्धि से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और मजबूत हुई है।
फार्मेसी विभाग के तीन प्राध्यापकों को मिली जगह
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर द्वारा जारी सूची में CUSB के फार्मेसी विभाग के तीन प्राध्यापकों को स्थान मिला है। इनमें स्वास्थ्य विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता एवं फार्मेसी विभागाध्यक्ष प्रो. सुब्रत कुमार भट्टमिश्र, प्रो. विवेक दवे और सहायक प्राध्यापक डॉ. अरुण कुमार शामिल हैं।
इन प्राध्यापकों को औषधि विज्ञान एवं औषधीय पदार्थ विज्ञान के उपक्षेत्र में उनके शोध योगदान के लिए सूची में जगह मिली है। फार्मेसी के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियां औषधि संबंधी अनुसंधान और वैज्ञानिक अध्ययन के महत्व को रेखांकित करती हैं।
भूविज्ञान और ऊर्जा अनुसंधान में भी विश्वविद्यालय का योगदान
भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रफुल्ल कुमार सिंह को भूवैज्ञानिक एवं भू-स्थानिक अभियांत्रिकी के उपक्षेत्र में इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है। वहीं, भौतिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रोहित रंजन शाही को ऊर्जा के क्षेत्र में उनके शोध कार्यों के लिए स्थान प्राप्त हुआ है।
इन दोनों प्राध्यापकों की उपलब्धियां दर्शाती हैं कि विश्वविद्यालय में अनुसंधान का दायरा विभिन्न वैज्ञानिक विषयों तक विस्तृत है और अलग-अलग क्षेत्रों में शोध कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
जैव प्रौद्योगिकी विभाग के दो प्राध्यापक भी सूची में शामिल
CUSB के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार और प्रो. नीतीश कुमार ने भी विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान हासिल किया है। उनकी उपलब्धि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के शोध प्रयासों को महत्वपूर्ण पहचान दिलाती है।
इस प्रकार फार्मेसी, भूविज्ञान, भौतिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभागों के सात प्राध्यापकों की उपलब्धि विश्वविद्यालय में बहुविषयक अनुसंधान की सक्रियता को सामने लाती है।
शोधपत्रों और उद्धरणों सहित विभिन्न मानकों पर आधारित है सूची
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर द्वारा जारी यह सूची उद्धरणों की संख्या, एच-सूचकांक, सह-लेखन तथा समग्र अंक (सी-अंक) जैसे विभिन्न मानकों के मानकीकरण के आधार पर तैयार की जाती है।
उन्होंने बताया कि इस सूची में वैज्ञानिकों के प्रकाशित शोधपत्रों और उन्हें प्राप्त उद्धरणों के माध्यम से अनुसंधान एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित किया जाता है।
भावी शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा बनी उपलब्धि
CUSB के सात प्राध्यापकों का इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होना विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। इससे न केवल संस्थान की वैश्विक शैक्षणिक पहचान को मजबूती मिलती है, बल्कि विद्यार्थियों और भावी शोधकर्ताओं को भी उच्चस्तरीय अनुसंधान के लिए प्रेरणा मिलती है। विश्वविद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई कि प्राध्यापक भविष्य में भी शोध, नवाचार और ज्ञान के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।
