सीयूएसबी और लद्दाख विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में एनईपी-2020 पर आठ दिवसीय राष्ट्रीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम संपन्न

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 04 जून 2026,

गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) एवं लद्दाख विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एमएमटीपीपी) योजना के अंतर्गत आयोजित आठ दिवसीय “राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 संवेदीकरण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम” सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। कार्यक्रम में देश के 14 राज्यों के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों और शैक्षणिक संगठनों से 120 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

एनईपी-2020 शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तनकारी पहल: कुलपति

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारत की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी और परिवर्तनकारी पहल है। उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्यों की प्राप्ति में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण योजना को शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास का प्रभावी मंच बताया।

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया गया जोर

विशिष्ट अतिथि एवं प्रो. साकेत कुशवाहा ने एनईपी-2020 के सफल कार्यान्वयन के लिए विभिन्न संस्थानों द्वारा अपनाई जा रही उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों, प्रशासकों और विद्यार्थियों के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने नवाचार, बहुविषयक शिक्षा, शोध संस्कृति और कौशल आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

विकसित भारत के लक्ष्य में एनईपी की अहम भूमिका

मुख्य अतिथि एवं प्रो. राजीव मोहन पंत ने एनईपी-2020 के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी और यह भारत को ज्ञान-आधारित वैश्विक महाशक्ति बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार

कार्यक्रम की शुरुआत लेफ्टिनेंट डॉ. प्रज्ञा गुप्ता द्वारा सरस्वती वंदना एवं वंदे मातरम् से हुई। शिक्षक-शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षा पीठ के अधिष्ठाता प्रो. रवि कांत ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। वहीं एमएमटीटीसी के निदेशक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. तरुण कुमार त्यागी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के समापन अवसर पर लद्दाख विश्वविद्यालय की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. यांचन डोलमा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को एनईपी-2020 की गहन समझ प्रदान करने के साथ-साथ उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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