सीयूएसबी में मशरूम उत्पादन एवं स्वरोजगार पर चार दिवसीय किसान प्रशिक्षण संपन्न
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 04 नवंबर 2026,
गयाजी। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड डेवलपमेंट के कृषि विभाग की ओर से आयोजित चार दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। “मशरूम उत्पादन तकनीक एवं स्वरोजगार” विषय पर आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों और ग्रामीण युवाओं को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों से अवगत कराना तथा कृषि आधारित स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना था।
कम लागत में बेहतर आय का माध्यम है मशरूम उत्पादन
समापन समारोह में स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड डेवलपमेंट के अधिष्ठाता प्रो. अवनीश प्रकाश सिंह ने कहा कि मशरूम उत्पादन कृषि आधारित स्वरोजगार का एक प्रभावी विकल्प है। इसके माध्यम से कम भूमि और सीमित संसाधनों में भी अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों और युवाओं से सीखी गई तकनीकों को अपने गांवों में अपनाने तथा अन्य किसानों तक इसकी जानकारी पहुंचाने की अपील की।
उत्पादन से लेकर विपणन तक दी गई जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. शशि प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि चार दिनों के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इसमें कच्चे माल का चयन, कम्पोस्ट एवं सब्सट्रेट तैयार करना, स्पॉन (बीज) का उपयोग, बैग भरने की प्रक्रिया, उत्पादन कक्ष का प्रबंधन, तापमान एवं आर्द्रता बनाए रखना, मशरूम की तुड़ाई, प्रसंस्करण और विपणन जैसे विषय शामिल रहे।
प्रशिक्षण की सह-समन्वयक डॉ. दिव्या श्री दत्ता ने मशरूम उत्पादन की विभिन्न वैज्ञानिक विधियों और व्यावहारिक पहलुओं पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि वे स्वयं मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए जरूरी तकनीकी कौशल हासिल कर सकें।
प्रतिभागियों को दिए गए प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम के अनुसार, प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। विश्वविद्यालय की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मशरूम उत्पादन को प्रोत्साहित कर किसानों और युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर विकसित करना है।
