बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को दिया गया प्रशिक्षण, जागरूकता रथ रवाना
आर्यावर्त वाणी | खिजरसराय/गयाजी | 02 नवम्बर 2026,
गयाजी। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने एवं बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के उद्देश्य से सोमवार, 2 नवंबर 2026 को खिजरसराय प्रखंड कार्यालय के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला विकास निगम एवं कवच परियोजना (Centre DIRECT) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में नीमचक बथानी अनुमंडल के चार प्रखंडों की आंगनवाड़ी पर्यवेक्षिकाओं ने भाग लिया।
बाल संरक्षण एवं बाल विवाह की रोकथाम पर प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान बाल संरक्षण, बच्चों के अधिकार, जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान, बाल विवाह के दुष्परिणाम और इसकी रोकथाम में आंगनवाड़ी कर्मियों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर चर्चा हुई।
अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जागरूकता रथ
इस अवसर पर बीडीओ पूजा गहलौत, सीडीपीओ मोना कुमारी, महिला विकास निगम की जिला परियोजना प्रबंधक जयवंती सिन्हा एवं WCDC के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथों को रवाना किया।
चार प्रखंडों की पंचायतों में चलेगा अभियान
जागरूकता रथ खिजरसराय, अतरी, मोहड़ा एवं नीमचक बथानी की सभी पंचायतों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों, इसके दुष्परिणामों तथा बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के महत्व के प्रति जागरूक करेंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह के विरुद्ध सामाजिक चेतना विकसित करना और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बच्चों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है।
