जहानाबाद में कुपोषण के खिलाफ अभियान तेज, 502 गंभीर और 908 मध्यम कुपोषित बच्चों का हुआ सत्यापन
आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 13 जुलाई 2026,
जहानाबाद: जिला पदाधिकारी छिरिड़ वाई. भूटिया के निर्देश पर जहानाबाद जिले में कुपोषण की पहचान और उपचार को लेकर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिले की सभी सात बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से चिन्हित SAM (गंभीर कुपोषित) एवं MAM (मध्यम कुपोषित) बच्चों का वजन और लंबाई का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।
माइक्रोप्लान के अनुसार हो रहा सत्यापन
महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा पूर्व निर्धारित माइक्रोप्लान के अनुसार सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य पोषण ट्रैकर ऐप में दर्ज आंकड़ों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और कुपोषित बच्चों की सही पहचान सुनिश्चित करना है।
502 गंभीर और 908 मध्यम कुपोषित बच्चे चिन्हित
भौतिक सत्यापन अभियान के दौरान अब तक जिले में 502 बच्चों को गंभीर कुपोषित (SAM) तथा 908 बच्चों को मध्यम कुपोषित (MAM) श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इन सभी बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श और सतत निगरानी की व्यवस्था की जा रही है।
15 अति गंभीर बच्चों को एनआरसी में कराया गया भर्ती
अभियान के दौरान चिन्हित 15 अति गंभीर कुपोषित बच्चों को उपचार और विशेष पोषण देखभाल के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC), घोषी में भर्ती कराया गया है। वहां चिकित्सकीय निगरानी में बच्चों को संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनके स्वास्थ्य में जल्द सुधार हो सके।
आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग मिलकर करेंगे कार्रवाई
जिला प्रशासन के अनुसार सत्यापन से प्राप्त वास्तविक आंकड़ों के आधार पर आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर कुपोषित बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसका उद्देश्य पोषण अभियान के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल करना और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य उपलब्ध कराना है।
