गयाजी के 7 प्रखंडों में 15 जुलाई से शुरू होगी डिग्री की पढ़ाई, तैयारियों की डीएम ने की व्यापक समीक्षा

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 13 जुलाई 2026,

गयाजी: जिले के डिग्री कॉलेज विहीन सात प्रखंडों में 15 जुलाई से स्नातक (डिग्री) की पढ़ाई शुरू होगी। राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने सोमवार को सभी नव-स्थापित कॉलेजों की तैयारियों की व्यापक समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया।

इन सात प्रखंडों में शुरू होगी पढ़ाई

15 जुलाई से जिले के अतरी, नीमचक बथानी, कोच, मोहड़ा, बांकेबाजार, डुमरिया और मोहनपुर प्रखंडों में डिग्री कॉलेजों का संचालन शुरू किया जाएगा। ये सभी प्रखंड अब तक डिग्री कॉलेज से वंचित थे।

उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य’ योजना के तहत पहल

जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के चौथे संकल्प “उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य” के तहत डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी योजना के तहत बिहार के 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू की जा रही है, जिनमें गयाजी जिले के सात प्रखंड भी शामिल हैं।

24 घंटे में पूरी करें सभी तैयारियां

बैठक में जिलाधिकारी ने नामित वरीय अधिकारियों, नव-नियुक्त प्राचार्यों, शिक्षा विभाग तथा भवन, विद्युत, पीएचईडी सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 24 घंटे के भीतर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

उन्होंने कहा कि अस्थायी रूप से चयनित भवनों में छात्रों के लिए सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि शिक्षण कार्य बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।

कॉलेजों में होंगी आधुनिक सुविधाएं

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक कॉलेज में—

🔹पर्याप्त बेंच-डेस्क एवं फर्नीचर,

🔹बिजली, पंखे और कूलर,

🔹पीने के पानी एवं आरओ की व्यवस्था,

🔹महिला एवं पुरुषों के लिए अलग शौचालय,

🔹कंप्यूटर एवं वाई-फाई सुविधा,

🔹स्टेशनरी सामग्री,

🔹सुरक्षा एवं साफ-सफाई,

🔹तथा कॉलेज तक पहुंचने के लिए सुगम मार्ग

की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

स्थायी भवनों पर भी चल रहा है कार्य

डीएम ने बताया कि इन डिग्री कॉलेजों के स्थायी भवनों के निर्माण के लिए जिला प्रशासन समयबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है। फिलहाल शिक्षण कार्य अस्थायी भवनों से शुरू होगा, जबकि स्थायी परिसर विकसित किए जाएंगे।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्राथमिकता

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पूरा प्रशासनिक तंत्र पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था), अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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