अफजलपुर में मगरमच्छ की सूचना से मचा हड़कंप, जांच में AI से बनाई तस्वीर का खुलासा

0
1788713724765.jpg
Share with

आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 06 सितंबर 2026

जहानाबाद: काको प्रखंड के उत्तरसेरथू पंचायत अंतर्गत अफजलपुर गांव में मगरमच्छ देखे जाने की तस्वीर और सूचना सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। आमजनों की सुरक्षा को देखते हुए जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

स्थानीय लोगों एवं मुखिया से प्रारंभिक जानकारी की पुष्टि के बाद मामले को जिला वन पदाधिकारी के संज्ञान में लाया गया। इसके साथ ही मगरमच्छ की तलाश एवं संभावित रेस्क्यू के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल को सक्रिय किया गया। एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया गया तथा संभावित जोखिम वाले स्थान से लोगों को सुरक्षित हटाया गया।

पटना और गयाजी से पहुंची वन विभाग की टीम

मगरमच्छ की तलाश के लिए पटना एवं गयाजी से वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया दल और विशेषज्ञों की टीम अफजलपुर पहुंची। टीम ने संबंधित क्षेत्र में विस्तृत निरीक्षण करते हुए सर्च ऑपरेशन चलाया।

जांच के दौरान मौके पर मगरमच्छ नहीं मिला। विशेषज्ञों को उसके पगचिह्न अथवा मौजूदगी के अन्य प्राकृतिक संकेत भी नहीं मिले। इसके बाद संबंधित तस्वीर की तकनीकी जांच के दौरान विशेषज्ञों ने उसके कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक से तैयार किए जाने की संभावना जताई।

करीब 14 वर्षीय नाबालिग ने AI से बनाई थी तस्वीर

इसके बाद स्थानीय थाना पुलिस ने मामले की विस्तृत छानबीन की। जांच में प्रशासन के अनुसार सामने आया कि गांव के करीब 14 वर्षीय एक नाबालिग ने AI तकनीक का इस्तेमाल कर मगरमच्छ की तस्वीर तैयार की थी। बाद में यह तस्वीर प्रसारित हो गई, जिससे इलाके में मगरमच्छ होने की सूचना फैल गई।

पूछताछ के दौरान नाबालिग ने अपने अभिभावक की मौजूदगी में तस्वीर तैयार करने की बात स्वीकार की। नाबालिग की उम्र को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने उसे एवं उसके अभिभावक को कड़ी चेतावनी और समझाइश देकर छोड़ दिया।

फर्जी तस्वीरों और अफवाहों से बचने की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी फोटो, वीडियो अथवा सूचना की सत्यता की पुष्टि किए बिना उसे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर प्रसारित न करें। प्रशासन के अनुसार ऐसी भ्रामक सूचनाओं से आम लोगों में अनावश्यक भय का माहौल बन सकता है और प्रशासन के समय, संसाधन एवं मानवबल का उपयोग वास्तविक जनहित के कार्यों के बजाय अफवाहों की जांच में लग सकता है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से सत्यापित सूचना साझा करने, अफवाहों से बचने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

You cannot copy content of this page