दिल्ली स्कूल खिजरसराय में अग्नि सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, मॉक ड्रिल से बच्चों को सिखाए गए बचाव के तरीके
आर्यावर्त वाणी | खिजरसराय/गयाजी | 02 नवम्बर 2026,
खिजरसराय (गयाजी)। दिल्ली स्कूल, खिजरसराय में अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा अग्नि सुरक्षा जागरूकता एवं मॉक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को आग लगने की स्थिति में बचाव, सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
यह कार्यक्रम अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी तेजन राम के निर्देशन एवं निगरानी में संपन्न हुआ। इस दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने विभिन्न आधुनिक उपकरणों और संसाधनों का प्रदर्शन कर उनके उपयोग की जानकारी दी।
मॉक ड्रिल के जरिए आग से बचाव की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान अग्निशमन कर्मियों ने मॉक ड्रिल के माध्यम से बताया कि आग लगने की स्थिति में किस प्रकार सुरक्षित तरीके से बाहर निकलना चाहिए। बच्चों को समझाया गया कि ऐसी परिस्थिति में घबराने के बजाय धैर्य और सूझबूझ से काम लेना जरूरी है।
बिजली से लगने वाली आग, गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति और अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) के सही इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित स्थान तक पहुंचने और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखने के तरीके भी बताए गए।
अग्नि सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी
अग्निशमन टीम ने बच्चों को जागरूक करते हुए कहा कि आग से बचाव केवल अग्निशमन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। समय रहते सतर्कता बरतने, सुरक्षा नियमों का पालन करने और सही जानकारी रखने से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
अग्निशमन विभाग की टीम रही सक्रिय
इस जागरूकता कार्यक्रम में विभाग की ओर से प्रधान अग्निक राजेश कुमार गुप्ता, अग्नि चालक अमित कुमार, शशि कुमार गुप्ता तथा अग्निक नीलम कुमारी, अखिलेश कुमार, लक्ष्मी कुमारी, चंचल कुमारी और विकास कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं उप-प्रधानाचार्य ने अग्निशमन विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बच्चों को महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अग्नि सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों में सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविश्वास विकसित करने में सहायक साबित होते हैं।
