ओवरलोड वाहनों की जांच में अनियमितता के मामले में आईजी विकास वैभव ने आमस थानाध्यक्ष को किया निलंबित

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 06 अक्टूबर 2026

गयाजी: जिले के आमस थाना क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों की जांच और कार्रवाई में कथित अनियमितता के मामले में आईजी विकास वैभव ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। जांच में प्रथम दृष्टया गंभीर कदाचार पाए जाने के बाद आमस थाना के थानाध्यक्ष पु०नि०-सह-थानाध्यक्ष धनंजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गयाजी निर्धारित किया गया है।

ओवरलोड कोयला लदे वाहनों को छोड़ने का आरोप

पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव को मिली गुप्त सूचना में आरोप लगाया गया था कि आमस थाना क्षेत्र में ओवरलोड कोयला लदी गाड़ियों को छोड़ने के लिए दलाल के माध्यम से कथित तौर पर 4.50 लाख रुपये लिए गए तथा प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के लिए अलग से 30 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया।

इस संबंध में कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो और फोटो वायरल होने की बात भी सामने आई। इनमें आमस थाना के थानाध्यक्ष और चौकीदार रवि कुमार के बीच संदिग्ध बातचीत होने का उल्लेख किया गया है।

19 सितंबर को पकड़ी गई थीं 9 गाड़ियां

जांच में सामने आया कि 19 सितंबर 2026 को रात करीब 2 बजे से सुबह 5 बजे के बीच आमस थाना क्षेत्र के सावकला टोल प्लाजा के पास ओवरलोड कोयला लदे कुल 9 वाहनों को पकड़ा गया था।

जांच के अनुसार, इन वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार सत्यापन और विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने के बजाय कुछ वाहनों को बिना समुचित कार्रवाई के छोड़ दिए जाने से संबंधित तथ्य सामने आए।

ऑडियो-वीडियो और स्टेशन डायरी की भी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राप्त शिकायत, वायरल ऑडियो-वीडियो एवं फोटो तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण, गयाजी से जांच कराई गई।

जांच के दौरान ऑडियो रिकॉर्डिंग, उपलब्ध वीडियो-फोटो, स्टेशन डायरी की प्रविष्टियों तथा संबंधित पदाधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदनों का परीक्षण किया गया। जांच में आमस थाना के चौकीदार रवि कुमार और तत्कालीन थानाध्यक्ष धनंजय कुमार की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई।

अनुचित लाभ पहुंचाने की स्थिति का उल्लेख

जांच प्रतिवेदन में कहा गया है कि ओवरलोड वाहनों के संबंध में नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई किए बिना उन्हें छोड़े जाने से संबंधित व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की स्थिति उत्पन्न हुई।

जांच में इस प्रकार के आचरण को पुलिस संगठन की निष्पक्षता, विश्वसनीयता एवं जनविश्वास को प्रभावित करने वाला तथा कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता का द्योतक माना गया है।

विभागीय कार्रवाई भी होगी

उपलब्ध साक्ष्यों और जांच प्रतिवेदन के आधार पर धनंजय कुमार के विरुद्ध प्रथम दृष्टया गंभीर कदाचार स्थापित पाए जाने पर उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने का आदेश दिया गया है।

वहीं, आमस थाना के चौकीदार रवि कुमार के विरुद्ध भी नियमानुसार अनुशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित वरीय पुलिस पदाधिकारी, गयाजी को निर्देशित किया गया है।

अनियमितता पर होगी कठोर कार्रवाई

पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों द्वारा कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कर्तव्यहीनता अथवा अनुचित आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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