इंटर्नशिप से व्यावहारिक शिक्षा और ‘एक पेड़ पितरों के नाम’ से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 05 अक्टूबर 2026
गयाजी। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय की शिक्षा पीठ की ओर से शिक्षा शास्त्र विभाग, गया कॉलेज, गयाजी में विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम गया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्र के निर्देशन तथा शिक्षा शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय धीरज के सहयोग से संपन्न हुआ। इस दौरान ‘एक पेड़ पितरों के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. धनंजय धीरज ने कहा कि इंटर्नशिप विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से इंटर्नशिप के दौरान अनुशासन, जिम्मेदारी, सक्रिय सहभागिता और नवाचार की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय की शिक्षा पीठ एवं शिक्षा शास्त्र विभाग, गया कॉलेज के बीच हुए साझा करार के क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पितृ-स्मृति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
इसी क्रम में ‘एक पेड़ पितरों के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। इस पहल के माध्यम से भारतीय संस्कृति में निहित पितृ-स्मरण की परंपरा को पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ा गया।
डॉ. धनंजय धीरज ने कहा कि एक पौधा केवल पर्यावरण को हरित बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि पूर्वजों की स्मृति, वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के बीच एक जीवंत सेतु है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में प्रकृति, समाज और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना भी है।
इस अवसर पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने पौधारोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अश्वनी कुमार, स्नेहा, विभा, अनामिका, दिवाकर, दीपराज, असीम और अंजलि सहित अन्य इंटर्न विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर शिक्षा शास्त्र विभाग के श्री अमरेंद्र कुमार, डॉ. मोहम्मद सदरे आलम, डॉ. रानी नीना प्रियदर्शनी, डॉ. निखत परवीन, अजय शर्मा एवं विदुषी कुमारी तथा शिक्षकेतर कर्मचारी संगीता राय, ताजवर नाज, अश्वनी कुमार, साबिर अली एवं विकास कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एम.एड. के सभी विद्यार्थियों तथा बी.एड. के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इंटर्नशिप और पौधारोपण कार्यक्रम ने व्यावहारिक शिक्षा, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व को एक साथ जोड़ते हुए विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है।
