नीमचक बथानी में एक दिवसीय पशु स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर, 87 पशुपालकों ने उठाया लाभ
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 29 सितंबर 2026
गयाजी: ग्रामीण पशुपालकों को बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और पशुपालन से जुड़ी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नीमचक बथानी प्रखंड के ग्राम रहुई फील्ड, पंचायत मई स्थित बेसिक हाई स्कूल के समीप एक दिवसीय पशु स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन जीविका के माध्यम से बढ़ते कदम महिला जीविका स्वावलंबी सहकारी समिति द्वारा किया गया।
428 गाय-भैंस और 45 बकरियों का हुआ उपचार
शिविर में पशु चिकित्सकों ने विभिन्न पशुओं की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक उपचार और दवाएं उपलब्ध कराईं। शिविर में कुल 87 पशुपालक किसानों ने भाग लिया। इस दौरान 428 गाय एवं भैंसों तथा 45 बकरियों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया गया और आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया।
विभिन्न बीमारियों के उपचार और बचाव की दी जानकारी
शिविर के दौरान पशुओं में होने वाली लंपी स्किन रोग, कृमि संक्रमण, जख्म, बुखार, बांझपन, खुरपका-मुंहपका, थनैला, सर्दी-जुकाम और सर्रा जैसी बीमारियों से संबंधित उपचार एवं परामर्श दिया गया। पशुपालकों को कृमिनाशक दवाओं के उपयोग, टीकाकरण तथा विभिन्न संक्रामक रोगों की रोकथाम के उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई।
पशुओं में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक दवाओं और उचित पोषण से संबंधित परामर्श भी पशुपालकों को दिया गया। इसके साथ ही पशुओं के बेहतर रखरखाव, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जीविका कर्मियों और समुदाय आधारित कैडरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ग्रामीणों ने शिविर को उपयोगी बताते हुए कहा कि गांव में ही पशुओं की जांच, उपचार और आवश्यक परामर्श मिलने से पशुपालकों को काफी लाभ मिला।
शिविर में कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
शिविर में मुखिया अर्चना कुमारी, उपमुखिया सतीश कुमार, पशुपालन पदाधिकारी डॉ. शशि शेखर प्रसाद, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम) किसलय कुमार, एलएचएस नीतीश कुमार, संकुल स्तरीय संघ अध्यक्ष अनिता देवी, एमबीके रंजीत कुमार और सामुदायिक समन्वयक उपेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पशुपालक मौजूद रहे।
जीविका जिला कार्यालय से प्रबंधक पशुधन प्रभात कुमार एवं प्रबंधक संचार दिनेश कुमार ने भी शिविर में भाग लिया और परियोजना कर्मियों का उत्साहवर्धन किया। जीविका द्वारा आयोजित इस पहल को ग्रामीण पशुपालकों तक पशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और पशुधन की उत्पादकता में सुधार की दिशा में उपयोगी कदम बताया गया।
