पितृपक्ष में देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों का सेवा भाव से होगा स्वागत, डीएम ने प्रबुद्धजनों और सामाजिक संगठनों के साथ की बैठक
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 18 सितंबर 2026
गयाजी: पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 को सफल, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु हितैषी बनाने की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी डॉ. शशांक शुभंकर ने शुक्रवार को जिले के प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों तथा विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक, धार्मिक एवं सेवा संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में पितृपक्ष के दौरान देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों के सेवा-सत्कार, सहयोग और बेहतर आतिथ्य को लेकर तैयारियों पर चर्चा की गई।
विभिन्न संस्थाओं से जानी सेवा गतिविधियों की तैयारी
बैठक में चैंबर ऑफ कॉमर्स गयाजी, बार एसोसिएशन, एडवोकेट एसोसिएशन, विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति, मगध इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन, वस्त्र उद्योग बुनकर सेवा समिति, रेड क्रॉस सोसाइटी, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन तथा रोटरी क्लब गया सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रतिनिधियों से पितृपक्ष मेला के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए प्रस्तावित सेवा गतिविधियों और अब तक की तैयारियों की जानकारी ली।
स्थानीय लोगों की सहभागिता से बेहतर होगी तीर्थयात्रियों की सेवा
जिला पदाधिकारी ने कहा कि पितृपक्ष मेला गयाजी की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं के साथ स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता से तीर्थयात्रियों को बेहतर सेवा और सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।
श्रद्धा और सम्मान के साथ होगा श्रद्धालुओं का स्वागत
बैठक में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी तैयारियों की जानकारी जिला पदाधिकारी को दी। सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि पितृपक्ष मेला के दौरान गयाजी आने वाले तीर्थयात्रियों का सेवा भाव, श्रद्धा और सम्मान के साथ स्वागत एवं सत्कार किया जाएगा।
संस्थाओं की ओर से ऐसा आत्मीय वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु अपने पितरों के प्रति धार्मिक अनुष्ठान और कर्मकांड सहज एवं सुखद तरीके से संपन्न कर सकें।
श्रद्धालु साथ लेकर जाएं गयाजी की सुखद स्मृति
प्रतिनिधियों ने कहा कि गयाजी आने वाले श्रद्धालु जब अपने घर वापस लौटें तो उनके मन में गयाजी और यहां के लोगों के प्रति सम्मान, आत्मीयता और सुखद अनुभव की भावना रहे। इसके लिए सभी संस्थाएं अपने स्तर से हरसंभव सहयोग करेंगी।
सेवा, स्वच्छता और अनुशासन को प्राथमिकता देने की अपील
जिला पदाधिकारी ने सभी संस्थाओं से अपील की कि पितृपक्ष मेला के दौरान सेवा, सहयोग, स्वच्छता, अनुशासन और अतिथि सत्कार को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी से ही पितृपक्ष मेला को और अधिक व्यवस्थित तथा श्रद्धालु हितैषी बनाया जा सकता है।
संस्थाओं ने प्रशासन को दिया सहयोग का भरोसा
बैठक में मौजूद प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को आश्वस्त किया कि पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान तीर्थयात्रियों की सेवा और सहयोग के लिए सभी संस्थाएं पूरी प्रतिबद्धता और सेवा भावना के साथ सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
