गया कॉलेज में ‘विनोबा भावे के विचारों की प्रासंगिकता’ पर विशेष व्याख्यान, न्याय और अहिंसा के संदेश पर हुई चर्चा
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 11 सितंबर 2026
गयाजी: शुक्रवार को गया कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से ‘विनोबा भावे के विचारों की प्रासंगिकता’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय तिवारी ने की, जबकि मंच संचालन लोक प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने किया। कार्यक्रम में गया कॉलेज के बर्सर डॉ. मार्कण्डेय पांडेय एवं एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मार्कण्डेय पांडेय ने कहा कि अकादमिक संस्थानों में इस तरह के विशेष व्याख्यान विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। वहीं डॉ. राजेश मिश्रा ने आचार्य विनोबा भावे के विचारों को एनएसएस की सेवा भावना से जोड़ते हुए सामाजिक सेवा और मानवीय मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला।
न्याय, समानता और अहिंसा के समर्थक थे विनोबा भावे
मुख्य वक्ता राजकीय डिग्री महाविद्यालय, पकड़ीदयाल के प्रभारी प्राचार्य डॉ. कृष्ण कुमार कृष्ण ने आचार्य विनोबा भावे के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विनोबा भावे केवल स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि भारतीय समाज में न्याय, समानता, अहिंसा, ग्राम स्वराज, सर्वोदय और मानवीय मूल्यों के प्रबल समर्थक थे।
उन्होंने विनोबा भावे के भूदान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भूमि के असमान वितरण जैसी सामाजिक समस्या के समाधान के लिए हिंसा के बजाय नैतिक अपील, स्वैच्छिक त्याग और सामाजिक सहयोग का रास्ता अपनाया। उनके विचार बदलते सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिवेश में आज भी प्रासंगिक हैं।
विनोबा के राजनीतिक दर्शन का हुआ आलोचनात्मक परीक्षण
व्याख्यान के दौरान डॉ. प्रशांत कुमार ने विनोबा भावे के राजनीतिक दर्शन का आलोचनात्मक परीक्षण किया। उन्होंने उनके राजनीतिक चिंतन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को भारतीय राजनीतिक विचारधारा की समृद्ध परंपरा को समझने का अवसर प्रदान किया।
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में डॉ. संगीता, डॉ. पुष्पा कुमारी सोनी, डॉ. शैलेंद्र कुमार सहित राजनीति विज्ञान एवं अन्य विभागों के शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय राजनीतिक चिंतन, सामाजिक न्याय, अहिंसा और सर्वोदय जैसे विचारों को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. शैलेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ विशेष व्याख्यान का समापन हुआ।

