खिजरसराय के सुलभ शौचालय में यूरिनल नहीं, समाधान के साथ महिलाओं की निजता का भी रखना होगा ध्यान

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 09 सितंबर 2026

गयाजी: जिले के खिजरसराय नगर पंचायत क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप स्थित सुलभ शौचालय में यूरिनल की व्यवस्था नहीं होने के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाजार के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल इस क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना होता है, लेकिन शौचालय में पुरुषों के लिए अलग से यूरिनल की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

नगर पंचायत के गठन के बाद इस सुलभ शौचालय का कायाकल्प तो किया गया, लेकिन यूरिनल की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है। ऐसे में पुरुषों को मूत्र विसर्जन के लिए शौचालय के सीट वाले हिस्से का ही इस्तेमाल करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार की व्यस्तता को देखते हुए यहां यूरिनल की सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

शौचालय परिसर में ही यूरिनल बनाने की योजना

समस्या के समाधान के लिए शौचालय परिसर के अंदर मौजूद खाली स्थान में ही यूरिनल की व्यवस्था करने की बात सामने आई है। इससे पुरुषों के लिए अलग सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और मौजूदा शौचालय व्यवस्था पर भी दबाव कम होगा।

महिलाओं की निजता प्रभावित होने की आशंका

लेकिन इस व्यवस्था के साथ महिलाओं की सुविधा और निजता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सवाल भी सामने आता है। स्थानीय नागरिक के अनुसार, यदि शौचालय परिसर के अंदर ही पुरुषों के लिए यूरिनल बना दिया जाता है, तो उसके इस्तेमाल के लिए पुरुषों की आवाजाही उसी परिसर में बढ़ेगी। ऐसे में शौचालय का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को असहजता का सामना करना पड़ सकता है और उनकी निजता प्रभावित होने की आशंका है।

स्थानीय नागरिक का कहना है कि ऐसी स्थिति में संभव है कि कुछ महिलाएं असहज महसूस करते हुए शौचालय का इस्तेमाल करने से भी बचें। इसलिए यूरिनल की व्यवस्था के साथ महिलाओं के लिए अलग और सुरक्षित प्रवेश की व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए।

सरकारी अस्पताल की बाउंड्री से अलग प्रवेश द्वार का सुझाव

महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रवेश की व्यवस्था करना आसान नहीं है। स्थानीय नागरिक के अनुसार, यदि महिलाओं के लिए बाहर से अलग प्रवेश द्वार बनाया जाए तो इसके लिए सरकारी अस्पताल की बाउंड्री के एक हिस्से को हटाकर रास्ता तैयार करना होगा।

ऐसा होने पर पुरुषों के लिए वर्तमान प्रवेश द्वार और महिलाओं के लिए अलग प्रवेश द्वार बनाया जा सकता है। इससे दोनों के लिए प्रवेश और निकास की व्यवस्था अलग-अलग हो जाएगी तथा महिलाओं को पुरुषों के यूरिनल वाले हिस्से से होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

हालांकि, बाउंड्री से जुड़ा कोई भी बदलाव संबंधित विभाग की अनुमति और तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद ही संभव होगा।

कई जगह अलग शौचालय निर्माण का प्रस्ताव पारित : अमीर यादव

नगर पंचायत के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अमीर यादव ने बताया कि शौचालय में यूरिनल की व्यवस्था करने के साथ-साथ नगर पंचायत क्षेत्र में कई अन्य स्थानों पर अलग से शौचालय निर्माण के लिए प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। लेकिन फंड में राशि की कमी के कारण इन प्रस्तावों को अभी तक धरातल पर नहीं उतारा जा सका है। उन्होंने कहा कि राशि उपलब्ध होने के बाद प्रस्तावित कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

कई बार अधिकारियों को कराया गया अवगत

सुलभ शौचालय के केयरटेकर मनोज डोम ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से इसका संचालन करते आ रहे हैं। उनके अनुसार, यूरिनल की व्यवस्था नहीं होने की समस्या के संबंध में कई बार संबंधित पदाधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हुआ।

मनोज डोम ने यह भी आरोप लगाया कि जब से शौचालय को नि:शुल्क किया गया है, तब से रविवार के दिन की मजदूरी भी उन्हें नहीं मिल रही है।

जल्द बहाल होगी यूरिनल की व्यवस्था : अंशुल पांडेय

इस संबंध में नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अंशुल पांडेय ने बताया कि जल्द ही इस शौचालय में यूरिनल की व्यवस्था बहाल करा दी जाएगी।

अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन यूरिनल की व्यवस्था किस तरीके से करता है और इसके साथ महिलाओं की सुविधा एवं निजता को किस तरह सुरक्षित रखा जाता है। क्योंकि मुद्दा केवल यूरिनल उपलब्ध कराने का नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करने का है जिसमें पुरुषों और महिलाओं दोनों को समान रूप से सुविधाजनक, सुरक्षित और सम्मानजनक शौचालय सुविधा मिल सके।

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