पितृपक्ष से पहले जर्जर मकानों पर नगर निगम सख्त, तीन दिन में होगा सर्वे; आर्य समाज स्कूल भवन पर भी खतरा
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 09 सितंबर 2026
गयाजी: पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले गयाजी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर नगर निगम ने जर्जर और खतरनाक भवनों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है। नगर आयुक्त डॉ. गगन के निर्देश पर मेला क्षेत्र में जर्जर भवनों को चिन्हित करने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। टीम को तीन दिनों के भीतर सर्वे कर रिपोर्ट नगर निगम को सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी कर भवन की स्थिति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विष्णुपद मंदिर के आसपास कई पुराने भवन चिन्हित
नगर निगम के अनुसार मेला क्षेत्र के भ्रमण के दौरान विष्णुपद मंदिर के आसपास सहित कई स्थानों पर पुराने और जर्जर मकान पाए गए हैं। इनमें कुछ भवन ऐसे हैं, जिनके किसी भी समय गिरने की आशंका बनी हुई है।
इस वर्ष पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होना है। मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नगर निगम किसी भी संभावित जोखिम को पहले ही खत्म करने की तैयारी में जुटा है।
आर्य समाज स्कूल भवन को लेकर भी जताई गई चिंता
इसी बीच वार्ड संख्या-41 स्थित आर्य समाज स्कूल के जर्जर भवन को लेकर नगर प्रबंधक विश्वामन ने नगर आयुक्त को रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में भवन की वर्तमान स्थिति को गंभीर बताते हुए इसके किसी भी समय गिरने की आशंका जताई गई है।
रिपोर्ट के अनुसार भवन के आसपास आम नागरिकों, विद्यार्थियों और अन्य लोगों का आवागमन होता है, जिससे संभावित दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। खतरे को देखते हुए भवन के चारों ओर बैरिकेडिंग कर आम लोगों के प्रवेश और आवागमन को नियंत्रित करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही भवन की तकनीकी जांच कराने के बाद आवश्यक कार्रवाई की बात कही गई है।
सर्वे टीम में अभियंता से लेकर वार्ड कर्मी तक शामिल
जर्जर भवनों के सर्वे के लिए गठित टीम में उप नगर आयुक्त, नगर विकास प्रमंडल संख्या-01 के कार्यपालक अभियंता, सहायक टाउन प्लानर अंकिता कुमारी, संबंधित वार्ड के सहायक एवं कनीय अभियंता, वार्ड जमादार तथा संबंधित वार्ड के स्पैरो संग्राहक को शामिल किया गया है।
टीम मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर जर्जर और संभावित रूप से खतरनाक मकानों को चिन्हित करेगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सड़क, नाली, प्रकाश और पानी की व्यवस्था भी होगी दुरुस्त
पितृपक्ष मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए नगर निगम की ओर से सफाई, तालाबों की सफाई, रंग-रोगन, नालियों पर ढक्कन, सड़क निर्माण एवं मरम्मत, नई नालियों का निर्माण, गली-सड़क निर्माण और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है।
मेला क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने की भी तैयारी है। नगर निगम का फोकस श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुगम आवागमन के साथ स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर है।
कई वार्डों में निर्माण और मरम्मत कार्य जारी
नगर निगम के अनुसार मेला क्षेत्र में कई स्थानों पर निर्माण एवं मरम्मत कार्य प्रगति पर हैं। इनमें—
🔹वार्ड संख्या-43 के विभिन्न स्थानों पर पीपीसीसी पथ और आरसीसी नाली का जीर्णोद्धार।
🔹वार्ड संख्या-40 में विभिन्न स्थानों पर पीसीसी पथ निर्माण, जिसमें मनोकामना मंदिर से उपरडीह होते हुए विनय रावत के घर से राजेंद्र पाठक के घर तक का मार्ग शामिल है।
🔹वार्ड संख्या-40 में मशान घाट से देवघाट होते हुए सड़क मरम्मत का कार्य।
🔹वार्ड संख्या-40 के विभिन्न स्थानों पर आरसीसी नाली निर्माण।
🔹मेला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर सीढ़ियों की मरम्मत।
🔹वार्ड संख्या-40 में विभिन्न स्थानों पर Red Sand Stone पेंटिंग का कार्य।
🔹मेला क्षेत्र में 21 प्याऊ की मरम्मत का कार्य।
🔹शौचालयों की मरम्मत का कार्य।
🔹17 वैट के निर्माण का कार्य।
🔹विष्णुजी और देवघाट स्थित विभिन्न सीढ़ियों की मरम्मत।
🔹मुख्य पथों और गलियों की प्रतिदिन सफाई।
सुरक्षा के साथ सुविधाओं पर भी नगर निगम का फोकस
नगर निगम की तैयारियों का उद्देश्य पितृपक्ष के दौरान गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जर्जर भवनों की पहचान और उनके आसपास सुरक्षा उपायों से लेकर सड़क, नाली, प्रकाश, पानी और स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने तक कई स्तरों पर काम किया जा रहा है।
पितृपक्ष के दौरान संभावित भारी भीड़ को देखते हुए नगर निगम का प्रयास है कि मेला क्षेत्र में किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका को पहले से कम किया जाए और श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन के साथ आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हों।
