सीयूएसबी में ‘स्वच्छता पखवाड़ा 2026’ के तहत निबंध-चित्रकला प्रतियोगिता और सफाई अभियान

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 08 अगस्त 2026,

गयाजी। दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता पखवाड़ा 2026’ के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। एक से 15 अगस्त तक चलने वाले अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय के एनएसएस प्रकोष्ठ की ओर से निबंध लेखन प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता और परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए एनएसएस समन्वयक प्रो. उषा तिवारी, कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. अनिल कुमार एवं डॉ. रिंकी, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा आयोजन से जुड़े अन्य शिक्षकों एवं सदस्यों की सराहना की।

‘स्वास्थ्य, स्वच्छता और साफ-सफाई’ पर विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता

एनएसएस प्रकोष्ठ की ओर से डॉ. महेंद्र खत्रावत और डॉ. राहुल सिंह के समन्वय में मालवीय भवन में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का उद्देश्य रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से स्वास्थ्य, स्वच्छता और साफ-सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विद्यार्थियों को स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।

‘स्वास्थ्य, स्वच्छता और साफ-सफाई’ विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 33 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े विषयों पर कलाकृतियां प्रस्तुत कीं।

प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रो. विवेक दवे, प्रो. विजय राज सिंह और डॉ. समरेश भारती के निर्णायक मंडल ने किया।

चित्रकला प्रतियोगिता में अंचल भारती ने प्रथम, जबकि सुमेधा मेहता और आकाश दलाल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं सौम्या और अंजू पटेल को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

निबंध प्रतियोगिता में 80 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी

विश्वविद्यालय स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन कृषि एवं विकास विभाग (कीट विज्ञान) के सहायक प्राध्यापक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राधेश्याम ढोले के नेतृत्व में कृषि संकाय के अन्य प्राध्यापकों के सहयोग से किया गया।

निबंध प्रतियोगिता का विषय ‘स्वच्छ परिसर, स्वस्थ परिसर: स्वच्छता बनाए रखने में छात्रों की भूमिका’ रखा गया था। इसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न पीठों और विभागों के 80 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वच्छता के महत्व, स्वच्छ परिसर के निर्माण में छात्रों की भूमिका और व्यक्तिगत जिम्मेदारी जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। मूल्यांकन में डॉ. दिव्या श्री दत्ता, डॉ. ऐंद्रिला बिस्वास, डॉ. अमित कुमार, डॉ. बिमान डे और डॉ. शशि प्रकाश विश्वकर्मा ने बाह्य विशेषज्ञ एवं मूल्यांकनकर्ता के रूप में भूमिका निभाई।

स्वतंत्रता दिवस पर विजेताओं को किया जाएगा सम्मानित

दोनों प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन विजेताओं को 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य मंच पर प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा।

शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थियों ने चलाया स्वच्छता अभियान

स्वच्छता पखवाड़े के तहत एनएसएस सेल ने कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पीयूष कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान भी चलाया।

‘आज का स्वच्छ परिसर, कल के स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण करता है’ विषय के तहत आर्यभट्ट भवन, मालवीय भवन और चाणक्य भवन समेत विभिन्न शैक्षणिक भवनों में सफाई अभियान चलाया गया।

अभियान में शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी एक साथ शामिल हुए। प्रतिभागियों ने परिसर से प्लास्टिक कचरा, कागज और अन्य कूड़ा-कचरा एकत्र किया तथा आसपास के क्षेत्रों की सफाई की। साथ ही लोगों को स्वच्छता को दैनिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

स्वच्छ, हरा-भरा और टिकाऊ परिसर बनाने की सामूहिक शपथ

स्वच्छता गतिविधियों के समापन के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ, हरा-भरा और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली गई। एनएसएस प्रकोष्ठ की ओर से विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय समुदाय को स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखकर इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।

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