₹4 हजार रिश्वत लेते बेगूसराय सदर अंचल कार्यालय का लिपिक गिरफ्तार, निगरानी टीम ने रंगेहाथ दबोचा

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आर्यावर्त वाणी | बेगूसराय | 07 अगस्त 2026,

बेगूसराय: भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है। ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने बेगूसराय सदर अंचल कार्यालय में कार्यरत निम्नवर्गीय लिपिक-सह-नाजिर सोनू कुमार को 4 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी अंचल कार्यालय, बेगूसराय सदर स्थित उसके कार्यालय कक्ष से की गई।

मुआवजे की राशि की निकासी के लिए मांगी गई थी रिश्वत

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, चांदपुरा निवासी दौलती देवी, पति जवाहर सहनी ने पटना स्थित ब्यूरो कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी पुत्री की अप्राकृतिक मृत्यु के बाद सरकार से मिलने वाले मुआवजे की राशि की निकासी कराने के एवज में आरोपी लिपिक द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।

सत्यापन में आरोप की हुई पुष्टि

शिकायत प्राप्त होने के बाद निगरानी ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर निगरानी थाना कांड संख्या 094/26, दिनांक 06 अगस्त 2026 दर्ज किया गया।

कांड के अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक योगेन्द्र कुमार के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में निगरानी टीम का गठन किया गया।

कार्यालय कक्ष में ही हुई गिरफ्तारी

गठित धावादल ने शुक्रवार, 7 अगस्त को कार्रवाई करते हुए सोनू कुमार को 4,000 रुपये रिश्वत लेते हुए उसके कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार कर लिया। निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी को विशेष न्यायालय, निगरानी, भागलपुर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में अग्रतर अनुसंधान की कार्रवाई जारी है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी की कार्रवाई जारी

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक और मजबूती मिली है। ब्यूरो द्वारा शिकायतों के सत्यापन के बाद दोषी पाए जाने वाले सरकारी कर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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