बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के विरोध में गया कॉलेज के शिक्षक-कर्मचारियों का प्रदर्शन, काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 05 अगस्त 2026,

गयाजी: बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी संघर्ष मोर्चा, फुटाब एवं फुस्टाब के आह्वान पर बुधवार को गया कॉलेज, गयाजी के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने प्रस्तावित बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के विरोध में काली पट्टी (काला बिल्ला) लगाकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी ने अपने नियमित कार्यों का निर्वहन करते हुए सरकार के प्रस्तावित विधेयक के खिलाफ एकजुटता दिखाई।

प्रस्तावित अधिनियम का किया विरोध

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रस्तावित बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के तहत अंगीभूत डिग्री महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय से अलग कर सीधे बिहार सरकार के अधीन लाने का प्रस्ताव उच्च शिक्षा व्यवस्था एवं विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।

चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा

शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन की आगामी रूपरेखा भी जारी की। इसके तहत:

🔹5 से 8 अगस्त 2026 तक सभी विश्वविद्यालयों, स्नातकोत्तर विभागों एवं महाविद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी काला रिबन लगाकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

🔹10 अगस्त 2026 को सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी सामूहिक अवकाश (Mass CL) लेकर मगध विश्वविद्यालय मुख्यालय में प्रदर्शन करेंगे तथा कुलपति को ज्ञापन सौंपेंगे।

🔹11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक प्रत्येक कार्य दिवस में दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 30 मिनट का विरोध प्रदर्शन एवं नारेबाजी की जाएगी।

🔹5 सितंबर 2026 (शिक्षक दिवस) के अवसर पर प्रस्तावित विधेयक को लेकर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

सरकार से विधेयक वापस लेने की मांग

आंदोलन के पहले दिन गया कॉलेज के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि वे इस विधेयक को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों की स्वायत्तता पर किसी भी प्रकार का आघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना पर्याप्त विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किए नई नीति लागू करने का प्रयास कर रही है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो राज्यभर में आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र बनाया जाएगा।

बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी रहे उपस्थित

विरोध प्रदर्शन में शिक्षक संघ की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) विभा सिंह, उपाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सोनू अन्नपूर्णा, सचिव डॉ. आनंद कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ. पन्ना लाल, कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मार्कंडेय पांडे एवं डॉ. अनूप कुमार सहित शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के संतोष कुमार सिंह (प्रक्षेत्रीय मंत्री), अध्यक्ष संदीप कुमार, उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार, सचिव दुर्गेश कुमार, उपसचिव राजीव रंजन तथा कमलेश प्रसाद सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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