मुंशी प्रेमचंद जयंती पर किलकारी में सजा साहित्य का रंगमंच, कथा-वाचन और कविता पाठ के जरिए बच्चों ने जाना साहित्य, संवेदना और मानवीय मूल्यों का महत्व
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 31 जुलाई 2026,
गयाजी: महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर किलकारी बिहार बाल भवन, गयाजी में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को प्रेमचंद के साहित्य, मानवीय मूल्यों और सामाजिक सरोकारों से परिचित कराना तथा उनमें साहित्य के प्रति रुचि विकसित करना था।
प्रतिमा पर पुष्पांजलि से कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मूर्ति कला विधा के बच्चों द्वारा तैयार की गई मुंशी प्रेमचंद की मिट्टी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद बाल उद्घोषिका अंबिका ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। बच्चों ने प्रेमचंद के जीवन, संघर्ष और साहित्यिक योगदान पर आधारित प्रेरक डॉक्यूमेंट्री भी देखी, जिससे उन्हें महान साहित्यकार के व्यक्तित्व और कृतित्व की विस्तृत जानकारी मिली।
‘बड़े भाई साहब’ की जीवंत प्रस्तुति ने जीता दिल
कार्यक्रम के दौरान किलकारी की नाटक विधा के बच्चों ने ‘किस्सागोई’ शैली में मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘बड़े भाई साहब’ का प्रभावशाली कथा-वाचन प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के माध्यम से शिक्षा, अनुशासन, भाईचारे और जीवन मूल्यों का संदेश प्रभावी ढंग से दर्शकों तक पहुंचाया गया।
‘मंत्र’ कहानी के वाचन से जुड़े बच्चे
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में किलकारी के प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक राजीव रंजन श्रीवास्तव ने मुंशी प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘मंत्र’ का भावपूर्ण वाचन किया। उनकी प्रस्तुति ने बच्चों को साहित्य की संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और सामाजिक चेतना से जोड़ने का कार्य किया।
कविता पाठ से हुआ समापन
समापन सत्र में पुस्तकालय प्रभारी चंदन मुखर्जी ने मुंशी प्रेमचंद को समर्पित अपनी स्वरचित कविता का पाठ किया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने सराहा।
हर माह होगा साहित्यकारों की रचनाओं का वाचन
सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य आज भी समाज को मानवता, समानता और नैतिक मूल्यों का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि किलकारी अब प्रत्येक माह किसी प्रमुख साहित्यकार, लेखक या कवि की कहानियों एवं कविताओं के वाचन का आयोजन करेगी, ताकि बच्चे पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ श्रेष्ठ साहित्य से भी जुड़ें और संवेदनशील व जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
प्रशिक्षकों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम में सहायक लेखा पदाधिकारी गुड़िया कुमारी, प्रमंडल संसाधन सेवी सोनम कुमारी, किलकारी के प्रशिक्षकों एवं बड़ी संख्या में बच्चों ने भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में नृत्य प्रशिक्षक गौतम कुमार, कंप्यूटर प्रशिक्षिका निशि खान तथा नाटक प्रशिक्षक नंदकिशोर कुमार का विशेष योगदान रहा।
