पितृपक्ष मेला 2026: रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा होगी सर्वोच्च प्राथमिकता
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 31 जुलाई 2026,
गयाजी: विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियों को लेकर गयाजी जिला प्रशासन ने रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने रेलवे अधिकारियों एवं संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ रेलवे स्टेशन का निरीक्षक किया और समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक लगेगा पितृपक्ष मेला
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। मेले के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रेल मार्ग से गयाजी पहुंचते हैं। पिछले वर्ष मेले के दौरान प्रतिदिन लगभग 80 से 90 हजार यात्रियों का आवागमन दर्ज किया गया था, जबकि वर्तमान में प्रतिदिन 40 से 50 हजार यात्री गयाजी रेलवे स्टेशन का उपयोग कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं को मिले हर सुविधा, नहीं हो कोई परेशानी
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने रेलवे अधिकारियों को सभी प्लेटफार्मों पर पेयजल, स्वच्छ शौचालय, रेल समय सारणी, डिस्प्ले बोर्ड, दिशा सूचक (साइनेज) और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
साफ-सफाई, पेयजल और साइनेज पर रहेगा विशेष फोकस
जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने रेलवे प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी शौचालयों की नियमित सफाई कराई जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर मोबाइल टॉयलेट भी लगाए जाएं। प्लेटफार्म और बाहरी परिसर में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा सभी सुविधाओं की जानकारी देने वाले साइनेज लगाए जाएं। विष्णुपद मंदिर सहित प्रमुख स्थलों की दिशा बताने वाले संकेतक भी स्थापित किए जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
डीएम एवं एसएसपी ने रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त पुलिस बल, रेलवे पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच कर खराब कैमरों को दुरुस्त करने तथा जरूरत के अनुसार हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाने को कहा गया। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा की निगरानी जिला नियंत्रण कक्ष से भी की जाएगी।
कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क रहेंगे सक्रिय
मेला अवधि में रेलवे प्रशासन द्वारा 24×7 कंट्रोल रूम संचालित किया जाएगा, जहां यात्रियों को ट्रेनों से जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला प्रशासन की ओर से रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क भी स्थापित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को विभिन्न पिंडदान स्थलों तक पहुंचने में सहायता मिल सके।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था होगी व्यवस्थित
जिला पदाधिकारी ने रेलवे स्टेशन परिसर की पार्किंग को समतल और व्यवस्थित करने, ऑटो एवं ई-रिक्शा के किराए की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने तथा निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। स्टेशन के बाहर अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखने पर भी जोर दिया गया।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था
बैठक में व्हीलचेयर की पर्याप्त उपलब्धता, मेडिकल टीम, एंबुलेंस, फायर सेफ्टी, बिजली सुरक्षा, प्लंबिंग व्यवस्था, बेहतर रोशनी तथा यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त एलईडी स्क्रीन और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (Public Address System) को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
संयुक्त निरीक्षण के निर्देश
डीएम ने रेलवे अधिकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों को संयुक्त रूप से रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर सभी कमियों को समय रहते दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के कारण यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं।
