धान अधिप्राप्ति की समीक्षा में डीएम सख्त, 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत सीएमआर जमा कराने का निर्देश
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 28 जुलाई 2026,
गयाजी: जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में धान अधिप्राप्ति एवं कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) आपूर्ति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी-सह-नोडल पदाधिकारी (धान अधिप्राप्ति) मो. शफीक, जिला सहकारिता पदाधिकारी नरोत्तम पाण्डेय, जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम दिग्विजय सिंह, जिला आपूर्ति पदाधिकारी अशोक चौधरी सहित जिले के सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, पैक्स अध्यक्ष एवं राइस मिलर उपस्थित रहे।
97.29 प्रतिशत सीएमआर की हुई आपूर्ति
समीक्षा के दौरान बताया गया कि गयाजी जिले में पैक्सों द्वारा अब तक 1,14,279.375 मीट्रिक टन (97.29 प्रतिशत) कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति राज्य खाद्य निगम को की जा चुकी है। हालांकि अभी भी 3,187.193 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति शेष है।
लापरवाह पैक्स और राइस मिलरों पर डीएम ने जताई नाराजगी
बैठक में गुरियावां, केसपा, गुनेरी, करजरा, केर, टनकुप्पा व्यापार मंडल, चेरकी, डेमा, सरेन सहित अन्य पैक्सों तथा शिवशक्ति राइस मिल (बिथोशरीफ), शिवगुरु राइस मिल (मोहड़ा), अंशिका राइस मिल (खिजरसराय), विष्णु प्रिया एग्रो (परसावां, कोंच) सहित अन्य राइस मिलों द्वारा सीएमआर आपूर्ति में अपेक्षित रुचि नहीं लेने पर जिला पदाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
31 जुलाई तक शत-प्रतिशत आपूर्ति का अल्टीमेटम
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पैक्सों एवं राइस मिलरों को 31 जुलाई 2026 तक हर हाल में 100 प्रतिशत सीएमआर जमा कराने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के बाद किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दो पैक्स पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश
सीएमआर आपूर्ति में गंभीर लापरवाही बरतने पर केसपा पैक्स (प्रखंड टिकारी) एवं चेरकी पैक्स (प्रखंड शेरघाटी) के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सीएमआर जमा नहीं करने वाली समितियों को नोटिस जारी कर उनके गोदामों का भौतिक सत्यापन कराया जाए।
गबन का केस, निलंबन और ब्लैकलिस्ट की चेतावनी
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो समितियां निर्धारित समय तक शत-प्रतिशत सीएमआर की आपूर्ति नहीं करेंगी, उनके विरुद्ध सरकारी राशि के गबन का मामला दर्ज किया जाएगा। ऐसे पैक्सों को अगले धान अधिप्राप्ति वर्ष में खरीद प्रक्रिया से वंचित रखा जाएगा तथा उनके निलंबन का प्रस्ताव विभाग को भेजा जाएगा। इसके अलावा जिन राइस मिलरों से संबंधित पैक्स सीएमआर आपूर्ति में विफल रहेंगे, उन्हें ब्लैकलिस्ट कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
समयबद्ध लक्ष्य पूरा करने पर जोर
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों, पैक्स प्रतिनिधियों एवं राइस मिलरों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर सीएमआर आपूर्ति का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
