सीयूएसबी के लॉ के छात्रों ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में लहराया परचम, उत्तम और नवनीत को मिली सफलता
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 25 जून 2026,
गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस (एसएलजी) के दो छात्रों ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।
एसएलजी के छात्र उत्तम कुमार और नवनीत कुमार ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। उत्तम कुमार ने 38वीं रैंक हासिल करते हुए एसडीएम/एसडीसी पद के लिए क्वालीफाई किया है, जबकि नवनीत कुमार का चयन जिला रोजगार अधिकारी के पद पर हुआ है।
विश्वविद्यालय परिवार में खुशी की लहर
छात्रों की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह, कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा, स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस के डीन एवं अध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार सहित विश्वविद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है।
इस अवसर पर प्रो. संजय प्रकाश श्रीवास्तव, प्रो. पवन कुमार मिश्रा, प्रो. प्रदीप कुमार दास, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. देव नारायण सिंह, डॉ. पल्लवी सिंह, डॉ. अनंत प्रकाश नारायण, श्री मणि प्रताप, कुमारी नीतू, डॉ. नेहा शुक्ला, डॉ. अनुजा मिश्रा, डॉ. चंदना सूबा, डॉ. निहारिका सिंह, डॉ. सुनैना, डॉ. रेणु तथा अन्य शिक्षकों एवं छात्रों ने दोनों सफल अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण: कुलपति
अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण भी है। उन्होंने कहा कि उत्तम और नवनीत की सफलता न केवल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों बल्कि पूरे मगध क्षेत्र के युवाओं को भी प्रेरित करेगी।
दोनों छात्रों का शैक्षणिक सफर
जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि उत्तम कुमार सीयूएसबी के बीए एलएलबी (2016-2021 बैच) के छात्र रहे हैं, जबकि नवनीत कुमार एलएलएम (2025-26 बैच) के छात्र हैं।
तीन चरणों में होती है बीपीएससी परीक्षा
गौरतलब है कि बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित यह प्रतिष्ठित परीक्षा तीन चरणों 1. प्रारंभिक परीक्षा (प्री), 2. मुख्य परीक्षा (मेंस) और 3. साक्षात्कार में संपन्न होती है। सफल अभ्यर्थियों की अनुशंसा बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाती है, जिसके बाद विभिन्न पदों पर उनकी नियुक्ति की जाती है।
