30 वर्षों से ईंट भट्ठे पर बंधुआ मजदूरी कर रहे 62 मजदूर हुए मुक्त, मुंशी गिरफ्तार, संचालक फरार
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 17 मार्च 2026,
गयाजी; जिले के फतेहपुर प्रखंड में बंधुआ मजदूरी के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 62 मजदूरों और उनके परिवार के सदस्यों को मुक्त कराया है। यह कार्रवाई जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई।
पूर्वी बाथन गांव में ईंट भट्ठे पर छापेमारी
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर सहायक समाहर्ता डॉ. सूरज कुमार की अध्यक्षता में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम में असिस्टेंट लेबर कमिश्नर, प्रखंड विकास पदाधिकारी फतेहपुर तथा पुलिस लाइन के पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। संयुक्त टीम ने फतेहपुर प्रखंड के पूर्वी बाथन गांव स्थित RYC ईंट भट्ठा पर छापेमारी की, जहां से 62 बंधुआ मजदूरों और उनके परिवार के सदस्यों को रेस्क्यू किया गया। इनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल थे।
30 वर्षों से करवाई जा रही थी बंधुआ मजदूरी
बताया गया कि इस ईंट भट्ठे में पिछले करीब 30 वर्षों से बंधुआ मजदूरी करवाई जा रही थी। रेस्क्यू के बाद मजदूरों को सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया। मुक्त कराए गए मजदूरों में शामिल आशा मांझी ने बताया कि वे लंबे समय से बंधुआ मजदूरी करने को मजबूर थे और जिला प्रशासन द्वारा मुक्त कराए जाने पर उन्होंने प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
मुंशी गिरफ्तार, संचालक फरार
छापेमारी के दौरान ईंट भट्ठा संचालक रामाशीष यादव मौके से फरार हो गया, जबकि मुंशी देवेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर इस मामले में गुरपा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।