572 करोड़ के बजट पर गया नगर निगम बोर्ड की मुहर, शहर के विकास और स्मार्ट सुविधाओं पर फोकस
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 07 मार्च 2026,
गयाजी; गया नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 572 करोड़ 18 लाख 68 हजार 305 रुपये के बजट को बोर्ड की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। शनिवार को नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक में मेयर वीरेन्द्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में बजट प्रस्ताव पर चर्चा हुई और सदस्यों ने मेज थपथपाकर इसे पारित किया।
बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, रणधीर कुमार गौतम, डिम्पल कुमार, दीपक चंद्रवंशी, अंजली कुमारी, शिला देवी और राजीव कुमार सिन्हा सहित कई पार्षद उपस्थित रहे।
“न लाभ, न हानि” के सिद्धांत पर आधारित बजट
मेयर वीरेन्द्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने सदन में बजट पढ़कर सुनाया और सदस्यों से सुझाव भी लिए। उन्होंने बताया कि शहर के समग्र विकास और गयाजी की सूरत बदलने के उद्देश्य से लगभग 5 अरब 72 करोड़ रुपये का विकासोन्मुखी बजट तैयार किया गया है। यह बजट “न लाभ, न हानि” के सिद्धांत पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि बिहार की धार्मिक राजधानी गयाजी को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए बजट में बुनियादी ढांचे, स्वच्छता, पर्यावरण, यातायात और नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही शहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में भी कई योजनाएं शामिल की गई हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए शहर में स्मॉग टॉवर लगाने की योजना भी बजट में प्रस्तावित है।
विकास योजनाओं को मिलेगी गति
बजट पर चर्चा के दौरान सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि मोक्षभूमि गयाजी के विकास को नई गति देने के लिए इस बार बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की गई हैं।
उन्होंने बताया कि 15वें और 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल-जीवन-हरियाली मिशन और 12वीं अनुसूची के तहत चिन्हित विषयों पर बड़े पैमाने पर खर्च किया जाएगा।
इन विकास कार्यों पर रहेगा विशेष फोकस
प्रस्तावित बजट में शहर की बड़ी और छोटी सड़कों का निर्माण, नालों का निर्माण और सफाई, जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना, स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट लगाना तथा ड्रेनेज सिस्टम को विकसित करना प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट के निस्तारण, लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना तथा उसके संचालन और रखरखाव की भी व्यवस्था की जाएगी।
सौंदर्यीकरण और प्रदूषण नियंत्रण की योजनाएं
बजट में शहर के प्रमुख चौक-चौराहों के गोलंबरों का सौंदर्यीकरण, फाउंटेन और स्क्वायर डेवलपमेंट, ग्रीन एरिया विकसित करना और सर्विलांस सिस्टम लगाना जैसी योजनाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही सम्राट अशोक भवन के दूसरे तल्ले का निर्माण, गांधी स्मारक का जीर्णोद्धार और प्रमुख सड़कों पर बस पड़ाव का निर्माण भी प्रस्तावित है।
रोजगार और सामाजिक योजनाओं पर भी जोर
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत कंप्यूटर, सिलाई और ब्यूटी पार्लर जैसे प्रशिक्षण देकर हजारों लोगों को रोजगार से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
इसके अलावा वृद्धा आश्रम का संचालन, सभी वार्डों में सामुदायिक भवन का निर्माण (विशेषकर स्लम क्षेत्रों में), स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और आवास योजनाओं के तहत नए घरों का निर्माण भी बजट का हिस्सा है।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इस बजट के माध्यम से शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ गयाजी को स्वच्छ, आधुनिक और बेहतर नागरिक सुविधाओं वाला शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।