“एसआईआर मतदाता सूची का शुद्धिकरण नहीं गैर भाजपाई मतदाताओं का अभियान था” – मोहन मरकाम
जो अठ्ठारह वर्ष पूरा किया हो उसे मतदान करने का अधिकार है चाहे वो आम व्यक्ति हो या खास हो , राजा हो, रंक हो, गरीब हो, अमीर हो सबको लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदान करने का अधिकार है। वोट चोरी का मतलब देश के लोकतंत्र, प्रजातंत्र की चोरी, वोट चोरी का मतलब लोगों के अधिकारों कि चोरी। उक्त बातें राजेंद्र आश्रम स्थित कांग्रेस ऑफिस में प्रेस वार्ता के दौरान सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा। आगे उन्होंने पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा कि मोदी शाह ने ज्ञानेश कुमार के साथ मिलकर देश के लोकतंत्र पर प्रहार किया है। देश में हुए वोट चोरी के लिए भाजपा और मोदी जिम्मेदार हैं। ज्ञानेश कुमार मोदी के प्रभाव में आकर और पीएम मोदी व साह के संरक्षण में वोट चोरी जैसे अलोकतांत्रिक काम को अंजाम दिया है।
काग्रेस के पीसी में उठे विभिन्न राज्यों में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल
छग के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकान ने कहा कि जिस राज्य में चुनाव हुए हैं जैसे बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और असम सहित विभिन्न राज्यों में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और एसआईआर को लेकर राजनीतिक विवाद और सवाल सामने आया है। इन राज्यों की परिस्थितियां और प्रक्रियाएं एक जैसी नहीं हैं, इसलिए प्रत्येक मामले की जांच संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर की जानी चाहिए। कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि इन विवादों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को और बढ़ा दिया है। निर्वाचन आयोग को किसी भी राजनीतिक दल के आरोपों को केवल राजनीतिक बयान बताकर खारिज करने के बजाय तथ्यों के साथ उनका जवाब देना चाहिए।
दिल्ली के रामलीला मैदान में वोटचोरी के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने की अपील
कांग्रेस नेताओं ने 01 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ महारैलि में शामिल होने का संकल्प दोहराया। गया जिला से सैकड़ों की संख्या में कॉंग्रेसजन महारैलि शामिल होने के लिए 30 एवं 31 अक्टूबर 2026 को ही विभिन्न ट्रेनें तथा सड़क मार्ग से अपने- अपने हाथों में झंडा़, बैनर, पोस्टर लेकर दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
आयोजित पीसी में कांग्रेस ने रखी अपनी मांगे
- एसआईआर प्रक्रिया में नाम जोड़ने और हटाने से संबंधित सभी निर्णयों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- मतदाता सूची से हटाए गए नामों का राज्यवार और श्रेणीवार विवरण सार्वजनिक किया जाए।
- जिन पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उनके नाम तत्काल और सरल प्रक्रिया के माध्यम से बहाल किए जाएं।
- मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने से संबंधित शिकायतों तथा निर्वाचन आयुक्तों की लिखित आपत्तियों पर निर्वाचन आयोग विस्तृत जवाब दे।
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार की भूमिका और विवादित निर्णयों की निष्पक्ष समीक्षा हो। आरोप प्रमाणित होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
- एसआईआर की विवादित प्रक्रियाओं की समीक्षा होने तक ऐसे कदमों पर रोक लगाने पर विचार किया जाए, जिनसे पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
- निर्वाचन आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और उसकी संस्थागत स्वतंत्रता को मजबूत करने के लिए व्यापक लोकतांत्रिक चर्चा कर आवश्यक सुधार किए जाएं।
- गरीबों, मजदूरों, प्रवासी नागरिकों, महिलाओं, बुजुर्गों और दस्तावेज जुटाने में कठिनाई का सामना करने वाले पात्र मतदाताओं के लिए विशेष सहायता व्यवस्था बनाई जाए।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष रजनीश कुमार झुंना ने आए हुए ऑब्जर्वर का स्वागत करते हुए जिला के सभी कार्यकर्तांओं व नेताओं का ऑब्जर्वर से परिचय कराया। इस दौरान बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व उपमहापौर मोहन श्रीवासतव, सत्येंद्र नारायण सिंह, प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, जिला उपाध्यक्ष युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, रामाश्रय सिंह, मदीना खातून, मिथिलेश कुमार सिंह, शिवनाथ प्रसाद निराला, कैलाश प्रसाद यादव, राज् कुमार सोती, परशुराम सिंह, सहित कई साथी मौजूद रहें।
