गयाजी में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और ट्रॉमा सेंटर सुदृढ़ीकरण पर जोर

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 06 जून 2026,

गयाजी: शनिवार को गयाजी स्थित समाहरणालय सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने की। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, घायलों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

चार वर्षों में 2490 सड़क दुर्घटनाएं

बैठक में जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि वर्ष 2022 से 2026 तक जिले में कुल 2490 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। वर्ष 2025 में 601 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि वर्ष 2026 में जनवरी से मई तक 251 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। हीट एंड रन के कुल 873 मामले दर्ज किए गए हैं।

निजी अस्पतालों से भी दुर्घटना का डेटा लेने का निर्देश

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कई सड़क दुर्घटनाएं ऐसी होती हैं जिनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निजी एवं सरकारी अस्पतालों से भी सड़क दुर्घटनाओं का डेटा एकत्र किया जाए, ताकि सभी पीड़ितों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

दुर्घटना पीड़ितों के लिए मुफ्त इलाज योजना पर जोर

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का इलाज निशुल्क किया जाएगा और उपचार की राशि संबंधित अस्पताल को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को निजी अस्पतालों के साथ बैठक कर उन्हें योजना की जानकारी देने और उनका पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया।

मगध मेडिकल और शेरघाटी में ट्रॉमा सेंटर को सक्रिय करने का निर्देश

केंद्रीय मंत्री ने सड़क दुर्घटना के बाद के “गोल्डन आवर” की महत्ता बताते हुए कहा कि समय पर इलाज मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर को पूरी तरह कार्यशील बनाने तथा शेरघाटी अस्पताल में भी ट्रॉमा सेंटर शुरू करने का निर्देश दिया।

अवैध ट्रैक्टर और बालू वाहनों पर होगी कार्रवाई

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने गयाजी शहर में अवैध रूप से संचालित ट्रैक्टरों एवं बालू ढोने वाले वाहनों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस को ऐसे वाहनों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा

बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां रोड साइनेज, स्पीड लिमिट बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, जेबरा क्रॉसिंग, रम्बल स्ट्रिप और रोड डेलिनेटर लगाए गए हैं। जिले के 27 संभावित दुर्घटना स्थलों की पहचान कर रिपोर्ट भी तैयार की गई है।

सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए हेल्प डेस्क बनेगा

अतरी विधायक के सुझाव पर जिला पदाधिकारी ने समाहरणालय परिसर में परिवहन विभाग का हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया। यहां सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों में आम लोग आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकेंगे तथा सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

टेउसा बाजार में दिन में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक

बैठक में टेउसा बाजार में जाम की समस्या का मुद्दा भी उठा। जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी नीमचक बथानी को निर्देश दिया कि दिन के समय बड़े वाहनों का प्रवेश नियंत्रित किया जाए, ताकि आम लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके।

बालू लदे वाहनों और सड़क प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बालू लदे वाहनों को ढंककर ही परिचालन किया जाए और सड़कों पर बालू का जमाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने सड़क किनारे लगी सभी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त रखने और रात्रि में नियमित रूप से जलाने का भी निर्देश दिया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

सामूहिक प्रयास से ही घटेंगी दुर्घटनाएं

बैठक के अंत में वक्ताओं ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व भी है। जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित की जा सकती है।

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