गयाजी पहुंचे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, फल्गु तट पर किया पितरों का तर्पण
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 10 अक्टूबर 2026
गयाजी। विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेले के अंतिम दिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गयाजी पहुंचे। गया एयरपोर्ट पर आगमन के बाद वे फल्गु नदी के तट पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पितरों के निमित्त तर्पण किया। इसके बाद उन्होंने बोधगया स्थित शंकराचार्य मठ में कुलदेवी वराह देवी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। आचार्य और पुरोहितों की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया।
फल्गु तट पर किया पितरों का तर्पण
पितृपक्ष मेले के अंतिम दिन गयाजी में अपने पूर्वजों के निमित्त पिंडदान और तर्पण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी फल्गु नदी के तट पर अपने पितरों का तर्पण किया।
इस दौरान उन्होंने गयाजी के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर अपनी बात रखते हुए कहा कि “गयाजी मोक्ष की धरती है।” गयाजी में पितरों के निमित्त किए जाने वाले धार्मिक कर्मकांडों की देशभर में विशेष मान्यता है। पितृपक्ष के दौरान यहां देश-विदेश से श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ पहुंचते हैं।
शंकराचार्य मठ में कुलदेवी की पूजा-अर्चना
फल्गु तट पर तर्पण के बाद मुख्यमंत्री बोधगया स्थित शंकराचार्य मठ पहुंचे। यहां उन्होंने कुलदेवी वराह देवी की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य एवं पुरोहितों की उपस्थिति में पूजा-अनुष्ठान संपन्न हुआ।
राहुल गांधी और विपक्ष पर भी साधा निशाना
गयाजी में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। दिल्ली में प्रदर्शन और विपक्ष की भूमिका को लेकर उन्होंने राहुल गांधी एवं उनके सहयोगियों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि जब जनता किसी को जिम्मेदारी सौंपती है, तो उसे समझते हुए विपक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी भूमिका निभानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी देश में अराजकता फैला रहे हैं, जो उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री का गयाजी दौरा पितृपक्ष मेले के अंतिम दिन हुआ, जब फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अन्य प्रमुख पिंडदान स्थलों पर श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ जुटी थी।
