कोई भी रेस्टोरेंट अपने बिल में ‘LPG चार्ज’ वसूला तो होगी कार्रवाई, CCPA की सख्त चेतावनी
आर्यावर्त वाणी | पटना | 06 मई 2026,
पटना: अगर आप होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं और बिल में “LPG Charges” या कोई अतिरिक्त शुल्क जुड़ा हुआ देखते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। यह पूरी तरह गैरकानूनी है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी CCPA ने इस पर सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसे बिहार सरकार ने राज्यभर में लागू करने का निर्देश दिया है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के मुताबिक, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने 25 मार्च 2026 को एक अहम एडवाइजरी जारी किया था। इस एडवाइजरी में साफ तौर पर कहा गया है कि होटल और रेस्टोरेंट द्वारा खाने के बिल में “LPG Charges” या इसी तरह के अन्य अतिरिक्त शुल्क जोड़ना अनुचित व्यापार प्रथा (Unfair Trade Practice) की श्रेणी में आता है।
CCPA ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस तरह के चार्ज उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का उल्लंघन हैं। इसके मद्देनज़र बिहार सरकार ने सभी जिला पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।
सरकार ने कहा है कि होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को तत्काल प्रभाव से ऐसे किसी भी अतिरिक्त शुल्क को हटाना होगा। साथ ही, अगर कोई प्रतिष्ठान इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बातें
🔹“LPG Charges” या छिपे हुए शुल्क वसूलना गैरकानूनी
🔹CCPA ने इसे अनुचित व्यापार प्रथा माना
🔹उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का उल्लंघन
🔹जिला प्रशासन को निगरानी और कार्रवाई के निर्देश
इस फैसले के बाद अब उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और उन्हें केवल खाने-पीने की वास्तविक कीमत ही चुकानी होगी। छिपे हुए चार्ज के नाम पर अतिरिक्त वसूली पर पूरी तरह रोक लगेगी।
CCPA की इस पहल से उपभोक्ता अधिकारों को मजबूती मिलेगी और होटल-रेस्टोरेंट उद्योग में पारदर्शिता बढ़ेगी। बिहार सरकार के सख्त रुख के बाद अब यह देखना होगा कि जमीनी स्तर पर इसका पालन कितनी प्रभावी तरीके से हो पाता है।
