रिमझिम फुहारों के बीच किलकारी में गूंजे कजरी के सुर, 500 से अधिक बच्चों ने मनाया सावन उत्सव
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 23 अगस्त 2026
गयाजी: रविवार को किलकारी बिहार बाल भवन, गयाजी में सावन उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में किलकारी के बच्चों, अभिभावकों और परिवार के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोकगीत, कजरी, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को सावन के रंग में रंग दिया।
शिव और सावन की महत्ता पर बच्चों ने दी प्रस्तुति
संगीत प्रशिक्षक दिनेश कुमार महौर एवं संदीप कुमार सिंह ने बच्चों को सावन के महत्व, लोक परंपरा और संगीत में सावन की विशेष भूमिका से परिचित कराया। नाटक प्रशिक्षक नंदकिशोर कुमार के निर्देशन में बच्चों ने भगवान शिव-शंकर और सावन की महत्ता को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
नृत्य प्रशिक्षक गौतम कुमार गोलू के निर्देशन में बच्चों ने “हरे राम बरसे ला रिमझिम” कजरी की प्रस्तुति दी। वहीं नृत्य प्रशिक्षिका अंजलि कुमारी के बच्चों ने “केनिया से आवेला, घेरि रे बदरिया” पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सावन की छटा को मंच पर जीवंत कर दिया।
लोकगीत और कजरी ने बांधा समां
लोक प्रशिक्षक श्वेता कुमारी एवं तबला प्रशिक्षक अरविंद कुमार के निर्देशन में बच्चों ने लोकगीत और कजरी की प्रस्तुति दी। मधुर लोकधुनों के बीच बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया।
प्रमंडलीय संसाधन सेवी सोनम कुमारी ने बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि किलकारी में बच्चों को विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण देने के साथ अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार अवसर दिए जा रहे हैं।
500 से अधिक बच्चों ने लिया हिस्सा
सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार एवं सहायक लेखा पदाधिकारी ने बताया कि सावन उत्सव में बच्चों के साथ अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन में 500 से अधिक बच्चों की सहभागिता रही, जिससे पूरा परिसर उमंग और उत्साह से भर गया। कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा सोनम कुमारी, प्रमंडलीय संसाधन सेवी की देखरेख में तैयार एवं संचालित की गई।
मनोरंजक प्रतियोगिताओं में बच्चों और अभिभावकों की भागीदारी
सावन उत्सव के दौरान बच्चों और अभिभावकों के लिए विभिन्न मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया। इसके अलावा मेहंदी लगाओ, ब्यूटीशियन और जुड़ा बनाओ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के मंच की आकर्षक सजावट में कल्पना सिंह, ललित कुमारी, पिंटू कुमार, चंदन मुखर्जी, जिशु कुमार, अखिलेश कुमार, सुरेंद्र कुमार एवं विजयंंत कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सावन उत्सव के माध्यम से बच्चों को बिहार की लोक संस्कृति, लोकगीत, कजरी, नृत्य और नाट्य परंपरा से जुड़ने का अवसर मिला। साथ ही उन्हें अपनी कला और प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करने का भी अवसर मिला। कार्यक्रम का समापन उत्साह और आनंद के वातावरण में हुआ।
