सीयूएसबी के समाज कार्य विद्यार्थियों ने सुधा डेयरी में किया क्षेत्रीय भ्रमण, जानी सहकारी दुग्ध व्यवस्था की कार्यप्रणाली

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 23 अगस्त 2026

गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के समाजशास्त्रीय अध्ययन एवं समाज कार्य विभाग के प्रथम सेमेस्टर के समाज कार्य में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए गयाजी स्थित मगध दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, सुधा डेयरी में अवलोकनात्मक क्षेत्रीय भ्रमण का आयोजन किया गया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देना था।

पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एम. कुमार विजय कुमार शर्मा एवं सह-प्राध्यापक डॉ. हरेश नारायण पांडेय के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने डेयरी की विभिन्न गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। सीयूएसबी के जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को दुग्ध उत्पादन, संग्रहण, प्रसंस्करण, वितरण, प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न विभागों के समन्वय की जानकारी मिली।

दूध संग्रहण से प्रसंस्करण तक की प्रक्रिया देखी

भ्रमण की शुरुआत सुधा डेयरी के कार्यकारी अधिकारी एवं प्रशिक्षण प्रभारी जितेंद्र कुमार के साथ संवाद से हुई। इसके बाद गुणवत्ता प्रभारी, उत्पाद प्रभारी एवं खाद्य सुरक्षा प्रभारी ज्योति प्रकाश ने विद्यार्थियों को किसानों से दूध के सुरक्षित संग्रहण और उसे प्रसंस्करण संयंत्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।

विद्यार्थियों ने उनकी देखरेख में डेयरी संयंत्र के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया। इस दौरान दूध संग्रहण एवं उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, क्रय एवं भंडार, मानव संसाधन, विपणन तथा लेखा विभाग की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला।

चार जिलों में संचालित होती है गया इकाई

विद्यार्थियों को बताया गया कि बिहार के सभी 38 जिलों में कुल 18 दुग्ध संयंत्र कार्यरत हैं। गयाजी स्थित इकाई गयाजी के अलावा अरवल, जहानाबाद और औरंगाबाद जिलों में भी अपनी गतिविधियां संचालित करती है।

डेयरी इकाई लगभग 1,400 ग्राम-स्तरीय दुग्ध समितियों के माध्यम से प्रतिदिन करीब एक लाख लीटर दूध एकत्रित करती है। इसके बाद दूध को 21 थोक दुग्ध शीतलक केंद्रों के माध्यम से मुख्य संयंत्र तक पहुंचाया जाता है। टिकारी और फतेहपुर इसके निकटवर्ती शीतलक केंद्रों में शामिल हैं।

त्योहारों में दोगुनी हो जाती है उत्पादों की मांग

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को डेयरी की मानव संसाधन व्यवस्था और बाजार से जुड़ी गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। गयाजी इकाई में करीब 200 कर्मचारी कार्यरत हैं। अधिकारियों के अनुसार त्योहारों के मौसम में डेयरी उत्पादों की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुनी हो जाती है।

क्षेत्रीय भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाए जाने वाले सामाजिक एवं सहकारी संस्थाओं से जुड़े विषयों को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।

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