शहनाई नवाज की स्मृति को सलाम किया किलकारी के बच्चों ने
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 21 अगस्त 2026
गयाजी: महान शहनाई वादक एवं भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ की पुण्यतिथि के अवसर पर किलकारी बिहार बाल भवन, गयाजी में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर उनकी स्मृति को नमन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ के जीवन, संघर्ष, संगीत साधना और भारतीय संगीत में उनके योगदान के बारे में जानकारी दी गई।
बच्चों को महान कलाकार के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश
प्रमंडलीय कार्यक्रम समन्वयक राजीव रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ भारतीय संस्कृति और संगीत की महान विभूति थे। उन्होंने अपनी शहनाई की मधुर धुन के माध्यम से देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया। उन्होंने बच्चों से महान कलाकारों के जीवन से प्रेरणा लेकर अपनी कला के प्रति मेहनत और समर्पण की भावना विकसित करने की अपील की।
शहनाई को दिलाई विशिष्ट पहचान
संगीत प्रशिक्षक संदीप कुमार सिन्हा ने बच्चों को उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ की संगीत साधना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बिस्मिल्लाह ख़ाँ ने शहनाई को केवल एक वाद्य यंत्र तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे भारतीय संगीत की विशिष्ट पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी कला, अनुशासन और संगीत के प्रति समर्पण आज भी कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत है।
कलाकार दिनेश कुमार मौवार ने बताई सादगी
गयाजी के विख्यात कलाकार दिनेश कुमार मौवार ने उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ाँ के जीवन, उनकी संगीत यात्रा और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने उनके जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं और उपलब्धियों को जाना तथा भारतीय कला एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
बच्चों ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा
कार्यक्रम में किलकारी के संगीत विधा से जुड़ी खुशी कुमारी, आकांक्षा, अदिति, गौरव, अमन, सौरभ, विशाल, खुशी सहित अन्य बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नाटक प्रशिक्षक नंदकिशोर एवं नृत्य प्रशिक्षक गौतम कुमार ‘गोलू’ सहित किलकारी के अन्य बच्चे भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को महान कलाकारों के जीवन और उनकी कला-साधना से जोड़ना तथा भारतीय संगीत एवं संस्कृति के प्रति उनमें रुचि और सम्मान की भावना विकसित करना था।
