खिजरसराय में अवैध छज्जा निर्माण को लेकर विवाद गहराया, पीड़ित ने एएसपी से लगाई कार्रवाई की गुहार

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 06 जुलाई 2026,

गयाजी: खिजरसराय नगर पंचायत के वार्ड संख्या-07 स्थित माली टोला में भूमि विवाद को लेकर एक मामला सामने आया है। सोमवार को खिजरसराय माली टोला निवासी निर्मल कुमार ने ग्रामीण अपर पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर विवादित भूमि पर कथित रूप से हो रहे अवैध छज्जा निर्माण पर रोक लगाने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

न्यायिक प्रक्रिया लंबित रहने के बावजूद निर्माण का दावा

आवेदन में निर्मल कुमार ने दावा किया है कि उनके चचेरे भाई शंभू मालाकार द्वारा इंदिरा आवास निर्माण के दौरान उनके हिस्से की जमीन की ओर छज्जा निकाला जा रहा है। उनका कहना है कि संबंधित भूमि विवाद में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 126 के तहत कार्रवाई लंबित है तथा मामले की सुनवाई जारी है। इसके अलावा भूमि की सरकारी मापी के लिए आवेदन भी किया जा चुका है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व में थाना स्तर पर यह सहमति बनी थी कि सरकारी मापी होने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद निर्माण जारी है। उनका कहना है कि यदि अभी छज्जा बन जाता है तो भविष्य में सरकारी मापी के बाद उन्हें अपने भवन निर्माण में परेशानी हो सकती है।

थाने में शिकायत दर्ज नहीं होने का भी आरोप

ग्रामीण अपर पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में निर्मल कुमार ने आरोप लगाया है कि 28 जून और 5 जुलाई 2026 को खिजरसराय थाना में दिए गए उनके लिखित आवेदनों को आगंतुक (विजिटर) रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया और न ही उस पर प्रभावी कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि बाद में शिकायत की प्रति स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी थाना प्रभारी को भेजी गई।

प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग

आवेदक ने नगर पंचायत से कथित अवैध छज्जा निर्माण पर तत्काल रोक लगाने, थाना पुलिस से निर्माण कार्य रुकवाने तथा ग्रामीण अपर पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है।

क्या बोले थाना प्रभारी

मामले पर खिजरसराय थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस दो बार मौके पर जाकर निर्माण कार्य रुकवा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह मुख्य रूप से भूमि एवं सीमांकन से जुड़ा मामला है, जो अंचल अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आता है। थाना प्रभारी ने कहा कि यदि मामले में कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है तो पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी।

नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप एवं दावे आवेदक द्वारा दिए गए लिखित आवेदनों पर आधारित हैं। मामले में संबंधित पक्ष का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी शेष है तथा अंतिम निर्णय सक्षम प्रशासनिक अथवा न्यायिक प्राधिकारी द्वारा लिया जाएगा।

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