असेंबलिंग यूनिट लगाकर बदली अपनी तस्वीर, जहानाबाद में स्वरोजगार की ओर बढ़ रहे युवा
आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 10 मई 2026,
जहानाबाद: जिला प्रशासन और उद्योग विभाग की पहल से स्वरोजगार को लेकर सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडे के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे प्रयासों के कारण अब जिले के युवा रोजगार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करने के बजाय अपने गांव में ही रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। जिला उद्योग केंद्र (DIC), जहानाबाद द्वारा योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया में मार्गदर्शन और बैंक ऋण उपलब्ध कराने में सक्रिय सहयोग किया जा रहा है, जिससे कई लोगों की जिंदगी बदल रही है।
दिल्ली से गांव लौटे राकेश ने शुरू की फैन असेंबलिंग यूनिट
काको प्रखंड निवासी राकेश कुमार इस बदलाव का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आए हैं। पहले वे दिल्ली की एक निजी कंपनी में पंखा बनाने का काम करते थे। परिवार से दूर रहना उनकी मजबूरी थी, लेकिन कोरोना काल के बाद गांव लौटकर उन्होंने खुद का रोजगार शुरू करने का निर्णय लिया।
जिला उद्योग केंद्र से जानकारी मिलने के बाद राकेश कुमार ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत आवेदन किया और ऋण प्राप्त कर M/S Varun Enterprises के नाम से पंखा असेंबलिंग यूनिट की शुरुआत की।
बिहार और झारखंड के जिलों में भेजे जा रहे पंखे
आज राकेश कुमार की यूनिट में 7 से 8 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। यहां तैयार होने वाले टेबल फैन और स्टैंड फैन बिहार के साथ-साथ झारखंड के कई जिलों में भेजे जा रहे हैं। राकेश का कहना है कि अब वे परिवार के साथ रहकर सम्मानजनक आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में संसाधनों की कमी और जानकारी के अभाव जैसी चुनौतियां थीं, लेकिन जिला प्रशासन और उद्योग विभाग के सहयोग से रास्ता आसान होता गया। आवेदन प्रक्रिया में सिंगल विंडो सेल ने मदद की और बैंक से समय पर ऋण उपलब्ध कराया गया।
गांव में रहकर भी संभव है बेहतर रोजगार
राकेश कुमार ने कहा कि सही जानकारी और प्रशासनिक सहयोग मिलने पर गांव में रहकर भी बेहतर रोजगार किया जा सकता है। उनका मानना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर युवा न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर सकते हैं।
अधिक से अधिक युवाओं से योजनाओं से जुड़ने की अपील
जिला प्रशासन ने कहा है कि जिले के इच्छुक एवं पात्र युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी। प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें और जिले के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
