अपहृत नाबालिग की सकुशल बरामदगी के लिए आईजी का बड़ा कदम, एसआईटी का गठन; वैज्ञानिक जांच और दैनिक मॉनिटरिंग के निर्देश
आर्यावर्त वाणी | जहानाबाद | 09 जुलाई 2026,
जहानाबाद: जिले से अपहृत नाबालिग बालिका की शीघ्र एवं सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), मगध क्षेत्र, विकास वैभव ने विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया है। यह कार्रवाई पटना उच्च न्यायालय द्वारा Criminal Writ Jurisdiction Case No. 1387 of 2026 में पारित आदेश तथा उपलब्ध तथ्यों के आलोक में की गई है।
यह मामला ओकरी थाना कांड संख्या-306/26 (दिनांक 19 जून 2026) से संबंधित है, जो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2)/3(5) के तहत दर्ज है।
एसडीपीओ (सदर-2) को बनाया गया टीम प्रभारी
गठित एसआईटी का गठन पुलिस अधीक्षक, जहानाबाद कोटा किरण कुमार के पर्यवेक्षण में किया गया है। टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-2), जहानाबाद करेंगे। टीम में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), साइबर थाना/साइबर सेल के प्रभारी, पुलिस निरीक्षक, ओकरी थानाध्यक्ष, अनुसंधानकर्ता पदाधिकारी, जिला आसूचना इकाई (DIU) के प्रभारी सहित अन्य संबंधित पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है।
वैज्ञानिक और तकनीकी जांच पर रहेगा विशेष जोर
आईजी, मगध क्षेत्र ने निर्देश दिया है कि अनुसंधान में उपलब्ध सभी वैज्ञानिक, तकनीकी एवं कानूनी संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। जांच के दौरान सीडीआर (CDR), आईपीडीआर (IPDR), सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया गतिविधियां, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जाएगा।
इसके साथ ही संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी, अन्य जिलों एवं राज्यों की पुलिस से समन्वय तथा आवश्यकता पड़ने पर एफएसएल (FSL), साइबर विशेषज्ञों और तकनीकी शाखा का भी सहयोग लेने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर सख्ती, रोजाना देनी होगी प्रगति रिपोर्ट
आईजी ने स्पष्ट किया है कि अनुसंधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। एसआईटी को नाबालिग बालिका की शीघ्र सकुशल बरामदगी और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
साथ ही पुलिस अधीक्षक, जहानाबाद को प्रतिदिन जांच की समीक्षा करने और प्रत्येक दिन शाम 6 बजे तक अनुसंधान की प्रगति रिपोर्ट पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
