सीयूएसबी में इग्नू के सहयोग से आयोजित बीएड कार्यशाला का सफल समापन, 49 शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 14 जून 2026,
गयाजी: दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के लर्नर सपोर्ट सेंटर (एलएससी) 05201 द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के क्षेत्रीय केंद्र पटना के सहयोग से आयोजित बीएड कार्यशाला का सफल समापन हो गया। वर्ष 2024-26 सत्र के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस कार्यशाला में बिहार के विभिन्न जिलों से आए कार्यरत शिक्षकों ने भाग लिया।
शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया
समापन समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने शिक्षा को व्यक्ति के विकास और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें नैतिक मूल्यों, चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी समावेश होना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से अपने दायित्वों के प्रति समर्पित रहने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
प्रौद्योगिकी और समावेशी शिक्षा पर दिया जोर
कुलपति ने आजीवन अधिगम, समावेशी शिक्षण पद्धतियों, मूल्य आधारित शिक्षा और आधुनिक शिक्षण प्रक्रियाओं में तकनीक के समावेशन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों को बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक दक्षता प्रदान करती हैं।
49 शिक्षकों को प्रदान किए गए प्रमाण-पत्र
पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यशाला को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले 49 शिक्षकों को कुलपति द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यशाला निदेशक प्रो. रवि कांत ने कार्यक्रम की उपलब्धियों और गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को शिक्षण कौशल और कक्षा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया गया।
प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के अंत में आयोजित संवादात्मक फीडबैक सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा सहयोगात्मक अधिगम, कौशल विकास और वास्तविक कक्षा परिस्थितियों से जुड़े प्रशिक्षण की सराहना की। समापन अवसर पर डॉ. नृपेंद्र वीर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
