एससी-एसटी अत्याचार मामलों में 79 पीड़ितों को 57.27 लाख रुपये मुआवजा स्वीकृत

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 28 फरवरी 2026,

गयाजी; गयाजी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीड़ितों को राहत प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने 79 पीड़ित लाभुकों के लिए कुल 57,27,250 रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत करने का आदेश जारी किया।

विभिन्न मामलों में किस्तों के आधार पर स्वीकृति

जिला पदाधिकारी ने बताया कि जिले के विभिन्न थानों से प्राप्त प्राथमिकी एवं आरोप पत्र के आधार पर कुल 79 मामलों में राहत अनुदान स्वीकृत किया गया है। इसमें प्रथम किस्त के 15 मामलों में 5,27,250 रुपये तथा द्वितीय किस्त के 64 मामलों में 52,00,000 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि यह राशि पीड़ितों के आधार से जुड़े बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी।

अधिनियम के तहत राहत राशि का प्रावधान

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जिला पदाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लागू अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत विभिन्न प्रकार के अपराधों में चरणबद्ध राहत राशि का प्रावधान है।
🔹गाली-गलौज एवं अपमान के मामलों में कुल 1,00,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें प्राथमिकी पर 25%, आरोप पत्र पर 50% तथा दोष सिद्ध होने पर शेष 25% भुगतान किया जाता है।
🔹मारपीट एवं गंभीर चोट के मामलों में कुल 2,00,000 रुपये की सहायता निर्धारित है, जिसमें चरणबद्ध भुगतान का प्रावधान है।
🔹बलात्कार एवं सामूहिक बलात्कार के मामलों में क्रमशः 5,00,000 रुपये और 8,25,000 रुपये की राहत राशि दी जाती है।
🔹हत्या या मृत्यु के मामलों में 8,25,000 रुपये की सहायता के साथ आश्रितों को पेंशन तथा नियोजन का भी प्रावधान है।

पीड़ितों की सुरक्षा और त्वरित सहायता पर जोर

जिला पदाधिकारी ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों को अत्याचार से सुरक्षा प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में राहत राशि का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को त्वरित सहायता मिल सके।

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