लॉ छात्रा हत्याकांड: पुलिस महानिरीक्षक ने निष्पक्ष जांच और स्पीडी ट्रायल का दिया निर्देश

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 21 जुलाई 2026,

गयाजी: शेरघाटी थाना क्षेत्र की चर्चित लॉ छात्रा हत्याकांड में मृतका के परिजनों ने मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक (मगध प्रक्षेत्र), विकास वैभव से मुलाकात कर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने आवेदन देकर आरोप लगाया कि आरोपी राहुल यादव एवं अन्य लोग लंबे समय से पीड़िता पर समझौते का दबाव बना रहे थे और अंततः साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी गई।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

आवेदन में कहा गया है कि आरोपी राहुल यादव पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों सहित तीन अलग-अलग कांड दर्ज थे। परिजनों का आरोप है कि समझौता नहीं करने पर 24 जून 2026 को दिव्या कुमारी का अपहरण कर हत्या कर दी गई और शव को झारखंड के हंटरगंज थाना क्षेत्र स्थित एक तालाब में फेंक दिया गया। इस मामले में हंटरगंज थाना कांड संख्या 101/2026 तथा शेरघाटी थाना कांड संख्या 290/2026 दर्ज है।

जांच में चौकीदार की भूमिका पर भी उठे सवाल

आईजी कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि चौकीदार देवेंद्र कश्यप ने पीड़िता की शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की, बल्कि उसे डांट-फटकार कर लौटा दिया। जांच में आरोपी से कथित मिलीभगत और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने के संकेत भी मिले हैं।

आईजी ने दिए पांच अहम निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक, मगध प्रक्षेत्र ने विस्तृत समीक्षा के बाद निम्नलिखित निर्देश जारी किए—

🔹कांड की जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत ढंग से की जाए।

🔹अनुसंधान की सतत एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।

🔹उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी आवश्यक विधिक धाराएं जोड़ी जाएं।

🔹पीड़िता के परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी धमकी की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई हो।

🔹जांच या पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाए और मामले की प्रगति से नियमित रूप से आईजी कार्यालय को अवगत कराया जाए।

गंभीर मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: आईजी

पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने स्पष्ट कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों की जांच में निष्पक्षता, गुणवत्ता और जवाबदेही से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर कर्तव्य में लापरवाही या संदिग्ध कार्यशैली पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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