किलकारी बाल भवन में एआई पर कार्यशाला, बच्चों को तकनीक के सही उपयोग का मिला प्रशिक्षण
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 22 अप्रैल 2026,
गयाजी: किलकारी बिहार बाल भवन, गयाजी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को लेकर बुधवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विधाओं के बच्चों और प्रशिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
एआई को लेकर स्पष्ट समझ जरूरी
कार्यशाला में विशेषज्ञ के रूप में दिव्यांशी शर्मा ने एआई की बारीकियों को सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि एआई कोई रहस्यमयी तकनीक नहीं, बल्कि उपलब्ध जानकारियों को संकलित कर उपयोगकर्ता तक पहुंचाने का एक माध्यम है। उन्होंने यह भी बताया कि एआई हर बार पूरी तरह सही नहीं होता, इसलिए इसके उपयोग में समझदारी जरूरी है।
भ्रांतियों को किया दूर
उन्होंने समाज में एआई को लेकर फैली गलत धारणाओं को दूर करते हुए कहा कि इससे डरने की बजाय इसे अपने काम को बेहतर और प्रभावी बनाने के लिए अपनाना चाहिए। बच्चों और शिक्षकों को यह भी समझाया गया कि अपनी-अपनी विधा में एआई का उपयोग कर गुणवत्ता और दक्षता कैसे बढ़ाई जा सकती है।
बच्चों ने पूछे सवाल
कार्यक्रम के दौरान बच्चों और प्रशिक्षकों ने एआई से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञ ने सहज और व्यावहारिक तरीके से जवाब दिया।
संस्थागत पहल की सराहना
प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक राजीव रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि किलकारी में अलग-अलग पृष्ठभूमि के बच्चे और शिक्षक आते हैं, ऐसे में एआई जैसी आधुनिक तकनीक की सही समझ उनके भविष्य और कार्य गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी।
प्रशिक्षकों की रही सहभागिता
इस कार्यशाला में नृत्य प्रशिक्षक गौतम कुमार गोलू, कंप्यूटर प्रशिक्षक निशि खान, चित्रकला से ललिता कुमारी, कराटे प्रशिक्षक गोविंद कुमार, मूर्ति कला से सुरेंद्र कुमार, नाटक से नंदकिशोर और संगीत से स्वेता कुमारी सहित अन्य प्रशिक्षक उपस्थित रहे।
