मानवता ही विश्व बंधुत्व की आधारशिला, स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 10 सितंबर 2026
गयाजी: राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई, गया कॉलेज एवं विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा गयाजी के संयुक्त तत्वावधान में विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर “मानवता : विश्व बंधुत्व की आधारशिला” विषय पर भाषण प्रतियोगिता एवं बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन गया कॉलेज के मुंशी प्रेमचंद सभागार में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. सतीश सिंह चंद्र के दिशा-निर्देश में हुआ।
कार्यक्रम में विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की बिहार एवं झारखंड की संरक्षिका श्रीमती सुमित्रा तथा गया की नगर संचालिका श्रीमती वीना भदानी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
शिकागो धर्म संसद के संदेश को किया गया याद
मुख्य वक्ता एवं बीज वक्ता दर्शनशास्त्र विभाग, गया कॉलेज के डॉ. अनूप पति तिवारी ने स्वामी विवेकानंद के वर्ष 1893 में शिकागो धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक भाषण के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपने संबोधन के माध्यम से भारतीय संस्कृति की सहिष्णुता, सर्वधर्म समभाव, मानवता और विश्व बंधुत्व की भावना को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि युवा स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाएं।
डॉ. तिवारी ने कहा कि आज दुनिया विभिन्न संघर्षों, असमानताओं और विभाजनकारी प्रवृत्तियों से गुजर रही है। ऐसे समय में स्वामी विवेकानंद का मानवतावादी एवं विश्व बंधुत्व का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। मानवता के प्रति सम्मान, परस्पर सहयोग और सभी के कल्याण की भावना ही शांतिपूर्ण एवं समतामूलक विश्व की आधारशिला है।
युवाओं को मानवता और सेवा के लिए प्रेरित करते हैं विवेकानंद के विचार
कार्यक्रम का संचालन NSS कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार मिश्र ने किया। उन्होंने विश्व बंधुत्व दिवस की ऐतिहासिक एवं वैचारिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के शिकागो संबोधन ने भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि विवेकानंद के विचार आज के युवाओं को मानवता, सेवा, सहिष्णुता और वैश्विक एकता के लिए प्रेरित करते हैं।
विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
भाषण प्रतियोगिता में गया कॉलेज के छात्र-छात्राओं एवं NSS स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने मानवता, विश्व बंधुत्व, धार्मिक सहिष्णुता, सामाजिक समरसता और शांति जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों के ज्ञान एवं जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
जैस्मीन कुमारी प्रथम, रिया सिंह द्वितीय और प्रगति तृतीय
प्रतियोगिता में जैस्मीन कुमारी ने प्रथम, रिया सिंह ने द्वितीय तथा प्रगति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को रेड क्रॉस सोसाइटी, गयाजी द्वारा आयोजित आगामी कार्यक्रम में आईजी विकास वैभव के हाथों सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल, सामान्य ज्ञान तथा सामाजिक एवं राष्ट्रीय सरोकारों के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
NSS स्वयंसेवकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में NSS स्वयंसेवकों आर्यन कुमार, सौरव कुमार, शिव शक्ति पाण्डे, हर्षवर्धन सहित अन्य स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उल्लेखनीय है कि 11 सितंबर को विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस स्वामी विवेकानंद द्वारा 11 सितंबर 1893 को शिकागो धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक संबोधन की स्मृति में मनाया जाता है। उनके संबोधन ने भारतीय सांस्कृतिक परंपरा, मानवता और विश्व बंधुत्व के संदेश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
