आदर्श ग्राम योजना से बदलेगा गांवों का भविष्य, 735 गांवों के विकास की तैयारी

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 08 अगस्त 2026,

गयाजी। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के तहत आदर्श ग्राम योजना के माध्यम से गयाजी जिले के अनुसूचित जाति बहुल गांवों में विकास कार्यों को गति देने की तैयारी की जा रही है। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने योजना की समीक्षा करते हुए चयनित गांवों के चरणबद्ध एवं जरूरत आधारित विकास को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

24 प्रखंडों के 735 गांवों का होगा विकास

योजना के तहत गयाजी जिले के सभी 24 प्रखंडों के 735 चयनित गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इन गांवों में स्थानीय जरूरतों और ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके।

प्रत्येक गांव के लिए ₹20 लाख की विशेष राशि

प्रत्येक चयनित गांव के विकास के लिए ₹20 लाख की विशेष राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस राशि का उपयोग गांव की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को बेहतर बनाने में किया जाएगा।

घर-घर सर्वेक्षण के जरिए चिन्हित होंगे पात्र परिवार

योजना का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए जिले में गांव-गांव और घर-घर सर्वेक्षण कराया जा रहा है। जिले में कुल 2,01,238 परिवारों के सर्वेक्षण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 49,108 परिवारों का सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी सुविधाओं पर जोर

आदर्श ग्राम योजना के तहत गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, जीविका, पेयजल, स्वच्छता सहित विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है।

स्थानीय जरूरतों के आधार पर तैयार होगी विकास योजना

प्रशासन की ओर से गांवों के विकास में स्थानीय आवश्यकताओं और जन-सुझावों को महत्व दिया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग उन कार्यों में किया जाए, जिनकी ग्रामीणों को वास्तविक आवश्यकता है।

वंचित वर्गों के जीवन में बदलाव की पहल

जिला प्रशासन का मानना है कि चयनित गांवों में बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित होने से अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी। योजना के माध्यम से वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

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