गयाजी का 162वां स्थापना दिवस: 162 मोमबत्तियां जलाकर मनाया गया जश्न, विकास को नई गति देने का संकल्प
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 03 अक्टूबर 2026
गयाजी: जिले के 162वें स्थापना दिवस के अवसर पर गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में भव्य एवं गरिमापूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, अतरी एवं गुरुआ के विधायक, गया नगर निगम की मेयर, जिला परिषद के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने 162 मोमबत्तियां जलाकर किया। इसके बाद केक काटकर जिले का 162वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया।
‘पेंट द सिटी’ के प्रतिभागी बच्चों को किया गया सम्मानित
पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान आयोजित ‘पेंट द सिटी’ कार्यक्रम में भाग लेने वाले गयाजी जिले के प्रतिभावान बच्चों को भी समारोह में सम्मानित किया गया। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बच्चों को सम्मानित करते हुए उनके रचनात्मक कार्यों की सराहना की।
बच्चों ने गयाजी शहर के प्रमुख पिंडवेदी स्थलों पर पिंडदान की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को वॉल पेंटिंग के माध्यम से प्रदर्शित किया था। इन चित्रों में पिंडदान की परंपरा, धार्मिक महत्व और गयाजी की आध्यात्मिक विरासत को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया।
गयाजी विकास की नई गति की ओर अग्रसर : जीतन राम मांझी
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने जिलेवासियों को 162वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गयाजी लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जिले के समग्र विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इन प्रयासों से गयाजी में नागरिक सुविधाओं और आधारभूत संरचनाओं का और विस्तार होगा।
उन्होंने पितृपक्ष मेला के दौरान राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पितृपक्ष मेले के बेहतर प्रबंधन से गया और बिहार की देश-विदेश में सकारात्मक पहचान मजबूत हो रही है।
उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला हर वर्ष नई ऊंचाइयां प्राप्त कर रहा है और इससे गयाजी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिल रही है।

गयाजी भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र : डॉ. प्रेम कुमार
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जिलेवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गयाजी केवल एक जिला नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है।
उन्होंने भगवान विष्णु की पावन नगरी, बोधगया की ज्ञानभूमि, फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर, अक्षयवट, सीताकुंड, मंगला गौरी, प्रेतशिला और रामशिला जैसी धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को गया की विशिष्ट पहचान बताया।
उन्होंने कहा कि गयाजी की पहचान केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। शिक्षा, संस्कृति, कला, साहित्य, उद्योग, कृषि और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में भी जिले की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि यह समृद्ध विरासत गौरव के साथ-साथ सभी के लिए जिम्मेदारी भी है।
स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और आत्मनिर्भर गयाजी बनाने का आह्वान
विधानसभा अध्यक्ष ने जिलेवासियों से गयाजी को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित, विकसित एवं आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसे प्राथमिकता बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने पितृपक्ष मेले को गयाजी की वैश्विक पहचान बताते हुए कहा कि देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने यहां आते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को बेहतर स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल, आवासन और परिवहन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है।
स्थापना दिवस पर लिया गया विकास का संकल्प
स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर गयाजी की गौरवशाली विरासत को संरक्षित रखते हुए जिले के विकास को नई गति देने तथा गया को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक बनाने का संकल्प व्यक्त किया गया।
“विरासत को संरक्षित करेंगे, विकास को गति देंगे,
गया को स्वच्छ और सुंदर बनाएंगे तथा
गयाजी को देश और दुनिया के मानचित्र पर और अधिक गौरव के साथ स्थापित करेंगे।”
इसी संकल्प और विश्वास के साथ गयाजी जिले का 162वां स्थापना दिवस समारोह गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

