गयाजी में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, पीएम इंटर्नशिप, मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा और NAPS योजनाओं पर युवाओं को दी गई विस्तृत जानकारी
आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 08 मई 2026,
गयाजी: बिहार कौशल विकास मिशन के तत्वावधान में शुक्रवार को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, केन्दुई के सभागार में पीएम इंटर्नशिप योजना, मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना तथा राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS) को लेकर एक दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुनील कुमार ने की।
विभिन्न विभागों और उद्योग प्रतिनिधियों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, जिला कौशल प्रबंधक, उद्योग संघों के प्रतिनिधि, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के नियोजक, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, अभियंत्रण एवं डिग्री महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्रशिक्षण प्रदाता सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के सफल संचालन में संजय कुमार सिन्हा, ताप्ती भट्टाचार्या तथा आशीष कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पीएम इंटर्नशिप योजना से युवाओं को मिलेगा बड़ा अवसर
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की पीएम इंटर्नशिप योजना 2024-25 के अंतर्गत 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को देश की शीर्ष 500 कंपनियों में 6 से 9 माह तक इंटर्नशिप का अवसर दिया जाएगा। इसके साथ ही चयनित युवाओं को प्रतिमाह 9000 रुपये तक की स्टाइपेंड राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। योजना का उद्देश्य अगले पाँच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप से जोड़कर देश में कुशल एवं सक्षम कार्यबल तैयार करना है।
मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के तहत युवाओं को प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के तहत 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के 12वीं पास, आईटीआई तथा स्नातक उत्तीर्ण बेरोजगार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के दौरान 4000 से 6000 रुपये प्रतिमाह तक प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 से 2031 तक लगभग एक लाख युवाओं को इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
NAPS योजना में उद्योग आधारित प्रशिक्षण पर जोर
राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS) के तहत Designated Trades एवं Optional Trades में 6 माह से 36 माह तक अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा निर्धारित स्टाइपेंड का एक हिस्सा, अधिकतम 1500 रुपये प्रतिमाह प्रति अप्रेंटिस, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से दिया जाता है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि उद्योग अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम को डिजाइन कर सकते हैं, जिससे प्रशिक्षण अधिक उद्योग-विशिष्ट और रोजगारोन्मुख बन सके।
हितधारकों की शंकाओं का किया गया समाधान
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित युवाओं एवं अन्य हितधारकों की विभिन्न योजनाओं से संबंधित जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रियंका कुमारी, रजिया इदरीसी, आकृति कुमारी तथा स्वाति सिन्हा सहित कार्यालय कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

