डीएपी पर निर्भरता कम करने की अपील, एसएसपी, टीएसपी और एनपीके उर्वरकों के उपयोग पर कृषि विभाग का जोर

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 03 अगस्त 2026,

गयाजी: खरीफ मौसम के दौरान किसानों को फॉस्फोरस युक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग, गयाजी ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे केवल डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) उर्वरक पर निर्भर नहीं रहें। विभाग ने वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुरूप सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी), ट्रिपल सुपर फॉस्फेट (टीएसपी) एवं एनपीके मिश्रित उर्वरकों के उपयोग को अपनाने की सलाह दी है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में एसएसपी, टीएसपी तथा विभिन्न प्रकार के एनपीके मिश्रित उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इन उर्वरकों का उपयोग करने से फसल उत्पादन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि पौधों को संतुलित पोषण मिलने से उनकी वृद्धि, जड़ों का विकास तथा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

फॉस्फोरस क्यों है जरूरी?

विभाग के अनुसार फॉस्फोरस पौधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। बुआई के शुरुआती दिनों में इसकी पर्याप्त उपलब्धता पौधों की जड़ों को मजबूत बनाती है, जिससे पौधे मिट्टी से नमी और अन्य पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण कर पाते हैं। मजबूत जड़ प्रणाली पौधों को सूखा एवं प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने में भी सक्षम बनाती है। यही कारण है कि वैज्ञानिक संतुलित मात्रा में फॉस्फोरस के उपयोग की सलाह देते हैं।

जिले में उपलब्ध प्रमुख वैकल्पिक उर्वरक

कृषि विभाग ने बताया कि किसानों के लिए निम्नलिखित फॉस्फेट युक्त उर्वरक उपलब्ध हैं—

● सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP)

फॉस्फेट – 16 प्रतिशत

दानेदार एवं पाउडर दोनों रूपों में उपलब्ध।

फॉस्फोरस की पूर्ति का प्रभावी विकल्प।


● ट्रिपल सुपर फॉस्फेट (TSP)

फॉस्फेट – 48 प्रतिशत

अधिक फॉस्फोरस युक्त उर्वरक।

जड़ विकास एवं प्रारंभिक वृद्धि के लिए उपयोगी।


● एनपीके 10:26:26

नाइट्रोजन – 10 प्रतिशत

फॉस्फोरस – 26 प्रतिशत

पोटाश – 26 प्रतिशत

संतुलित पोषक तत्वों वाला मिश्रित उर्वरक।


● एनपीके 14:28:0

नाइट्रोजन – 14 प्रतिशत

फॉस्फोरस – 28 प्रतिशत

पोटाश – 0 प्रतिशत

फॉस्फोरस प्रधान उर्वरक।

● एनपीके 20:20:0:13

नाइट्रोजन – 20 प्रतिशत

फॉस्फोरस – 20 प्रतिशत

सल्फर – 13 प्रतिशत

सल्फर की कमी वाले क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी।


एनपीके उर्वरकों से मिलेगा संतुलित पोषण

कृषि विभाग ने बताया कि एनपीके मिश्रित उर्वरकों में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश संतुलित मात्रा में उपलब्ध रहते हैं। इससे फसलों की प्रारंभिक वृद्धि बेहतर होती है, जड़ें मजबूत बनती हैं तथा उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है। जिन क्षेत्रों की मिट्टी में पोटाश की कमी है, वहां इन उर्वरकों का उपयोग विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

निर्धारित एमआरपी पर ही करें खरीदारी

विभाग ने किसानों से उर्वरक खरीदते समय अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) का मिलान करने की अपील की है। विभाग द्वारा जारी प्रमुख उर्वरकों के एमआरपी इस प्रकार हैं—

🔹एनपीके 10:26:26 (CFCL) – ₹2,150 प्रति बैग

🔹एनपीके 10:26:26 – ₹1,990 प्रति बैग

🔹एनपीके 14:28:0 – ₹1,950 प्रति बैग

🔹एनपीके 20:20:0:13 (Indorama) – ₹1,950 प्रति बैग

🔹एनपीके 20:20:0:13 (PPL) – ₹1,800 प्रति बैग

🔹एनपीके 20:20:0:13 (GSFC) – ₹2,250 प्रति बैग

🔹टीएसपी – ₹1,300 प्रति बैग

🔹एसएसपी – ₹690 प्रति बैग

🔹एसएसपी (IPL दानेदार) – ₹690 प्रति बैग

🔹एसएसपी (IPL पाउडर) – ₹650 प्रति बैग

🔹एसएसपी (SAI Fertilizers दानेदार) – ₹725 प्रति बैग

🔹अमोनियम सल्फेट – ₹1,400 प्रति बैग


विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या अफवाह में न आएं और अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं से ही निर्धारित मूल्य पर उर्वरक खरीदें।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार करें उर्वरकों का प्रयोग

कृषि विभाग ने कहा कि प्रत्येक किसान को अपनी भूमि की आवश्यकता के अनुसार मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसाओं का पालन करना चाहिए। बिना जांच के किसी एक उर्वरक का अत्यधिक उपयोग मिट्टी की उर्वरता को प्रभावित कर सकता है। संतुलित उर्वरक प्रबंधन से न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।

किसानों से विशेष अपील

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल डीएपी पर निर्भर रहने की बजाय एसएसपी, टीएसपी एवं एनपीके मिश्रित उर्वरकों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करें। इससे फसलों को संतुलित पोषण मिलेगा, मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी, उत्पादन लागत नियंत्रित होगी तथा बेहतर एवं अधिक उपज प्राप्त होगी।

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