सीयूएसबी की दो शोधार्थियों को ICSSR पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप, विकसित भारत और जेन जेड से जुड़े विषयों पर करेंगी शोध

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आर्यावर्त वाणी | गयाजी | 27 सितंबर 2026

गयाजी: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के शिक्षक शिक्षा विभाग की दो शोधार्थियों डॉ. देबारती धर और डॉ. डेस्डीमोना प्रमाणिक का चयन भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) की पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप 2026-27 के लिए हुआ है। दोनों शोधार्थियों को अलग-अलग शोध विषयों पर सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में आगे शोध करने के लिए यह फेलोशिप प्रदान की गई है।

माइंडफुलनेस और जेन जेड के संज्ञानात्मक स्वास्थ्य पर शोध

डॉ. देबारती धर को ‘जेन जेड में त्रिगुण और कॉग्निटिव हेल्थ: माइंडफुलनेस की मध्यस्थ और मॉडरेटिंग भूमिका’ विषय पर शोध के लिए फेलोशिप मिली है। उनके शोध में जेन जेड के संज्ञानात्मक स्वास्थ्य और त्रिगुण की अवधारणा के बीच संबंधों का अध्ययन किया जाएगा। इसमें माइंडफुलनेस की भूमिका को भी शोध के दायरे में रखा गया है।

उच्च शिक्षा में एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल पर अध्ययन

डॉ. डेस्डीमोना प्रमाणिक को ‘विकसित भारत@2047 के लिए उच्च शिक्षा में एआई का जिम्मेदारी से इस्तेमाल: एआई पर निर्भरता और कॉग्निटिव ऑफलोडिंग के बीच संबंध में एआई से जुड़ी नैतिक जागरूकता की भूमिका का अध्ययन’ विषय पर शोध के लिए फेलोशिप प्रदान की गई है।

उनका शोध उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल, एआई पर निर्भरता और कॉग्निटिव ऑफलोडिंग के बीच संबंधों के साथ एआई से जुड़ी नैतिक जागरूकता की भूमिका पर केंद्रित होगा।

सीयूएसबी से पीएचडी के बाद करेंगी पोस्ट-डॉक्टोरल शोध

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी मोहम्मद मुदस्सीर आलम के अनुसार, डॉ. देबारती धर और डॉ. डेस्डीमोना प्रमाणिक ने सीयूएसबी से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है। अब दोनों शोधार्थी प्रो. रवि कांत के मार्गदर्शन में पोस्ट-डॉक्टोरल शोध कार्य करेंगी।

प्रो. रवि कांत ने दोनों शोधार्थियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि फेलोशिप उनके शोध प्रयास और अकादमिक क्षमता की पहचान है। उन्होंने इसे शिक्षक शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे शोध वातावरण से भी जोड़ा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने दी बधाई

दोनों शोधार्थियों के चयन पर सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह, कुलसचिव प्रो. नरेंद्र कुमार राणा, प्रो. आशीष कुमार सिंह, शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता प्रो. मितांजलि साहू, शिक्षक शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष, पर्यवेक्षक प्रो. रवि कांत और अन्य संकाय सदस्यों ने बधाई दी।

विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि शोधार्थियों की यह उपलब्धि उच्च स्तरीय शोध, अकादमिक उत्कृष्टता और शोध के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी रेखांकित करती है।

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